कही छूट जाये न दामन तुम्हारा कृष्ण भजन लिरिक्स

कही छूट जाये न दामन तुम्हारा कृष्ण भजन लिरिक्स

कही छूट जाये न दामन तुम्हारा कृष्ण भजन,
बांके बिहारी मुझको देना सहारा, 

कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।।

तर्ज – तुम्ही मेरे मंदिर।



तेरे सिवा दिल में समाये न कोई,
लगन का ये दीपक बुझाए कोई,
तूही मेरी कश्ती तूही है किनारा,
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।। 



तेरे नाम का गाना गाता रहू मैं,
सुबह शाम तुझको रिझाता रहू मैं,
तेरा नाम मुझको है प्राणो से प्यारा,
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।। 



तेरे रास्ते से हटाती है दुनिया,
इशारो से मुझको बुलाती है दुनिया,
देखू न हरगिज़ मैं दुनिया का इशारा,
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।। 



बड़ी भूल की जो मैं दुनिया में आया,
मूल भी खोया और ब्याज भी गवाया,
दुनिया में मुझको न भेजना दुबारा,
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।।



बहुत उम्र बीती अभी तक न आये,
बैठा हू कबसे मैं पलकें बिछाये,
जल्दी से आजा नटवर तेरा सहारा,
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।। 



बांके बिहारी मुझको देना सहारा,
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा,
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।।


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