शिवमहिम्नः स्तोत्रं हिंदी लिरिक्स
शिवमहिम्नः स्तोत्रं, गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जम्बूफलसार भक्षितम्, उमासुतं शोक विनाशकारणं, नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम्। श्री पुष्पदन्त उवाच -- महिम्नः पारं...
Read moreDetailsशिवमहिम्नः स्तोत्रं, गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जम्बूफलसार भक्षितम्, उमासुतं शोक विनाशकारणं, नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम्। श्री पुष्पदन्त उवाच -- महिम्नः पारं...
Read moreDetailsमैं आरती तेरी गाऊं, ओ अम्बे मात भवानी, मैं नित नित शीश नवाऊं, ओ दुर्गे माँ महारानी।। तर्ज - मैं...
Read moreDetailsदेवि सुरेश्वरि भगवति गंगे, त्रिभुवनतारिणि तरलतरंगे, शंकरमौलिविहारिणि विमले, मम मतिरास्तां तव पदकमले, देवि सुरेश्वरि भगवति गंगे।। भागीरथिसुखदायिनि मातस्तव, जलमहिमा निगमे...
Read moreDetailsहे गोपाल कृष्ण करूँ आरती तेरी, हे प्रिया पति मैं करू आरती तेरी, तुझपे ओ कान्हा बलि बलि जाऊं, सांझ...
Read moreDetailsसांवल सा गिरधारी, भला हो रामा सांवल सा गिरधारी, भरोसो भारी, हरी बिना मोरी, गोपाल बिना मोरी, सांवल सेठ बिना...
Read moreDetailsश्री गोवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो।। तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े, तोपे पान चढ़े तोपे फूल...
Read moreDetailsसुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची, नुरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची, सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची, कंठी झळके माळ मुक्ताफळाची, जय देव जय...
Read moreDetailsआरती श्री बनवारी की, भागवत कृष्ण बिहारी की।। भागवत भगवत मंगल रूप, कथामय मंजुल मधुर अनूप, पितामह मुखरित प्रथम स्वरूप,...
Read moreDetailsगणपति की सेवा मंगल मेवा, श्लोक - व्रकतुंड महाकाय, सूर्यकोटी समप्रभाः, निर्वघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा। गणपति की सेवा...
Read moreDetailsॐ जय जानकीनाथा, प्रभु जय श्री रघुनाथा, दोऊ कर जोड़ विनवौं, प्रभु मेरी सुन मेरी बाता, ॐ जय जानकीनाथा।। तुम...
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