आरती संग्रह

Aarti Sangrah Lyrics

श्री गोवर्धन महाराज महाराज तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो लिरिक्स

श्री गोवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो।। तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े, तोपे पान चढ़े तोपे फूल...

Read moreDetails

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची श्री गणेश आरती लिरिक्स

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची, नुरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची, सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची, कंठी झळके माळ मुक्ताफळाची, जय देव जय...

Read moreDetails

गणपति की सेवा मंगल मेवा आरती लिरिक्स

गणपति की सेवा मंगल मेवा, श्लोक - व्रकतुंड महाकाय, सूर्यकोटी समप्रभाः, निर्वघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा। गणपति की सेवा...

Read moreDetails
Page 16 of 21 1 15 16 17 21
error: कृपया प्ले स्टोर या एप्प स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे