भगतों रा हितकारी माजीसा,
माजीसा कलयुग अवतारी,
भटियानी सा कलयुग अवतारी,
ए लीला सबसु न्यारी माजीसा,
परचा जग में भारी,
ए भगतों रा हीतकारी ए हा।।
ए मालानी मे धाम सोवनो,
जसोल नगरी प्यारी,
माजीसा जसोल नगरी प्यारी ए हा,
जगमग ज्योता जागे आपरी,
अखण्ड ज्योता जागे आपरी,
ए दर्शन री बलिहारी माजीसा,
परचा जग में भारी,
ए भगतों रा हीतकारी ए हा।।
ए सवाई सिंह जी दाता आवे,
केसर घोडे असवारी,
आवे केसर घोडे असवारी ए हा,
सांचा मन सु जो नर ध्यावे,
सांचा मन सु जो नर ध्यावे,
ए पीड़ा हरे भगतो री माजीसा,
परचा जग में भारी,
ए भगतों रा हीतकारी ए हा।।
ए तेरस रो मां मेलो भरीजे,
घूमर गजब निराली माजीसा,
रमे घूमर निराली ए हा,
लाल बन्ना सा राठौड़ी पुजीजे,
सातों बहनो बायोसा पुजीजे,
ए होवे आरतियां भारी माजीसा,
परचा जग में भारी,
ए भगतों रा हीतकारी ए हा।।
ए भटकत भटकत आयो द्वार पे,
आयो शरन तिहारी माजीसा,
आयो शरण तुम्हारी ए हा,
जीवन री आ डुबत नावडी,
जीवन री आ डुबत नावडी ने,
मां पार लगावो हमारी माजीसा,
परचा जग में भारी,
ए भगतों रा हीतकारी ए हा।।
ए भगती रो वरदान देवजो,
करुं सेवना थोरी माजीसा,
करूं चाकरी थोरी ए हा,
*मनीष सीरवी* भजन बनावे,
*जोगाराम प्रजापत* गावे,
ए शरण कमल बलिहारी माजीसा,
परचा जग में भारी,
ए भगतों रा हीतकारी ए हा।।
माजीसा कलयुग अवतारी,
भटियानी सा कलयुग अवतारी,
ए लीला सबसु न्यारी माजीसा,
परचा जग में भारी,
ए भगतों रा हितकारी ए हा।।
गायक – जोगाराम जी प्रजापत बाड़मेर।
लेखक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला ब्यावर राजस्थान)








