गुरु चरण कमल बलिहारी रे गुरुदेव भजन लिरिक्स
गुरु चरण कमल बलिहारी रे, मेरे मन की दुविधा टारि रे, गुरु चरण कमल बलिहारी रे।। भव सागर में नीर...
गुरु चरण कमल बलिहारी रे, मेरे मन की दुविधा टारि रे, गुरु चरण कमल बलिहारी रे।। भव सागर में नीर...
अगर है ज्ञान को पाना, तो गुरु की जा शरण भाई।। जटा सिर पर रखाने से, भस्म तन में रमाने से,...
नजर भर देख ले मुझको, शरण में तेरी आया हूँ।। कोई माता पिता बंधू, सहायक है नहीं मेरा, सहायक है...
कृष्ण घर नन्द के जन्मे, दुलारा हो तो ऐसा हो, लोग दर्शन चले आये, सितारा हो तो ऐसा हो।। बकासुर...
राम दशरथ के घर जन्मे, घराना हो तो ऐसा हो, घराना हो तो ऐसा हो, लोग दर्शन को चल आये,...
आओगे जब तुम ओ साँवरे, तर्ज - आओगे जब तुम साजना। आओगे जब तुम ओ साँवरे, दिल के द्वार खुलेंगे,...
है जाना अमरनाथ के द्वार, तर्ज - अयोध्या करती है आव्हान अमरनाथ की जय हो, शिव शंकर की जय हो,...
छाई सावन की घटा, कांधे पे कांवड़ उठा, ध्यान चरणों में लगा, चल शिव के द्वारे।। तर्ज - जब चली...
तेरा दीदार क्यो नही होता, मुझपे उपकार क्यो नही होता, तेरी रहमत की चार बूँदो का, दास हक़दार क्यो नही...
काला पण घणा रुपाला सा, मंडपिया वाला श्याम, मंडपिया वाला श्याम म्हारा, ओ मुरली वाला श्याम सा, मंडपिया वाला श्याम...
© 2016-2026 Bhajan Diary