जोगन बनी है बावरी,
दर्शन कराओ ना,
मीरा दरश को व्याकुल है,
मीरा दरश को व्याकुल है,
कान्हा तुम आओ ना,
जोगन बनी है बावरी,
दर्शन कराओ ना,
मीरा भई है बावरी,
कान्हा तुम आओ ना।।
प्रीत लगा के अपनी क्यूं,
ओझल से हो गए,
जागूं मैं याद में तेरी,
तुम कैसे सो गए,
सपने मेरे यूं तोड़ कर,
इतना सताओ ना,
जोगन बनी है बावरी,
दर्शन कराओ ना।।
श्याम दरश बीना तेरे,
प्यासा है मन मेरा,
बुझते हुए चिराग को,
विश्वास है तेरा,
विश्वास मेरा तोड़ कर,
खुद को लजाओ ना,
जोगन बनी है बावरी,
दर्शन कराओ ना।।
आंखों में तेरी है छवि,
होंठो पे तेरा नाम,
लेकर के तेरा नाम ये,
प्याला लिया है थाम,
विष की जलन जला दे ना,
ठंडक दिलाओ ना,
जोगन बनी है बावरी,
दर्शन कराओ ना।।
भक्ति पे तेरी भक्तन के,
संदेह कर रहा,
सुनकर के ताने ‘सोनू’ के,
घाव ना भर रहा,
सांसों की डोर टूट रही,
अमृत पिलाओ ना,
जोगन बनी है बावरी,
दर्शन कराओ ना।।
जोगन बनी है बावरी,
दर्शन कराओ ना,
मीरा दरश को व्याकुल है,
मीरा दरश को व्याकुल है,
कान्हा तुम आओ ना,
जोगन बनी है बावरी,
दर्शन कराओ ना,
मीरा भई है बावरी,
कान्हा तुम आओ ना।।
गायक – अमित गोस्वामी।
लेखन – स्मिता शर्मा सोनू।








