तुम्ही करोगे हिसाब उनका,
जो हम पे ताने यूँ कस रहे है,
मुझे फिकर इस जहां की क्या जब,
कृपा तुम्हारी बरस रही है,
मुझे फिकर इस जहां की क्या जब,
कृपा तुम्हारीं बरस रही हैं।।
तर्ज – ज़िहाल ए मिस्कीं।
जहां में ऊंचा है नाम तेरा,
जहां में ऊंचा है नाम तेरा,
सदा बनाए है काम मेरा,
सदा बनाए है काम मेरा,
है जो भी आया तुम्हारे दर पे,
लगाया तूने उसे जिगर से।
तुम्ही करोगे हिसाब उनका,
जो हम पे ताने यूँ कस रहे है,
मुझे फिकर इस जहां की क्या जब,
कृपा तुम्हारीं बरस रही हैं।।
मैं जब भी देखूं तुझे अदा से,
मैं जब भी देखूं तुझे अदा से,
क्यों भीग जाती मेरी आंखें,
क्यों भीग जाती मेरी आंखें,
आंसू को मोती बना रहा है,
बना के मुझ पे लुटा रहा है।
तुम्ही करोगे हिसाब उनका,
जो हम पे ताने यूँ कस रहे है,
मुझे फिकर इस जहां की क्या जब,
कृपा तुम्हारीं बरस रही हैं।।
ये कैसी लीला हे लीले वाले,
ये कैसी लीला हे लीले वाले,
हुआ है ‘केशव’ तेरे हवाले,
हुआ है ‘केशव’ तेरे हवाले,
तो ऐसे भी क्या मेरे कर्म थे,
जो तूने रिश्ता है जोड़ा हमसे।
तुम्ही करोगे हिसाब उनका,
जो हम पे ताने यूँ कस रहे है,
मुझे फिकर इस जहां की क्या जब,
कृपा तुम्हारीं बरस रही हैं।।
तुम्ही करोगे हिसाब उनका,
जो हम पे ताने यूँ कस रहे है,
मुझे फिकर इस जहां की क्या जब,
कृपा तुम्हारी बरस रही है,
मुझे फिकर इस जहां की क्या जब,
कृपा तुम्हारीं बरस रही हैं।।
Singer – Nisha Soni
Lyrics – Sujit Shaw “Keshav”








