काला पण घणा रुपाला सा मंडपिया वाला श्याम भजन लिरिक्स

काला पण घणा रुपाला सा,
मंडपिया वाला श्याम,
मंडपिया वाला श्याम म्हारा,
ओ मुरली वाला श्याम सा,
मंडपिया वाला श्याम म्हारा,
ओ भाला वाला श्याम सा,
काला पन घणा रुपाला सा,
मंडपिया वाला श्याम।।



मोर मुकुट थारा सिर पर सोहे,

सिर पर पचरंग पाग सा,
मोर मुकुट थारा सिर पर सोहे,
सिर पर पचरंग पाग सा,
माथा पर तुर्रो चमके सा,
भाला वाला श्याम,
माथा पर तुर्रो चमके सा,
मुरली वाला श्याम।।



कमर कटारो पांकड़ो जी,

सोरठणी तलवार सा,
कमर कटारो पांकड़ो जी,
सोरठणी तलवार सा,
हाथा में भालो चमके सा,
मुरली वाला श्याम,
हाथा में भालो चमके सा,
भाला वाला श्याम।।

मंडपिया वाला श्याम म्हारा,
ओ मुरली वाला श्याम सा,
मंडपिया वाला श्याम म्हारा,
ओ भाला वाला श्याम सा,
काळा पण घणा रुपाला सा,
मंडपिया वाला श्याम।।



शिखर ऊपरे ध्वजा दंड की,

ध्वजा सदा लहराती सा,
निज मंदिर के बाहर थारे,
दो दो घूमे हाथी सा,
काला पण घणा रुपाला सा,
मोत्या वाला श्याम।।

मोत्या वाला श्याम म्हारा,
छोगा वाला श्याम म्हारा,
काळा पण घणा रुपाला सा,
मंडपिया वाला श्याम।।



झूलणी पे झूलन जावे,

जावे रथड़ा माई सा,
झूलणी पे झूलन जावे,
जावे रथड़ा माई सा,
जग जिस चरणा में गावे सा,
मंडपिया वाला श्याम।।



मंडपिया वाला श्याम म्हारा,

मोत्या वाला श्याम म्हारा,
मंडपिया वाला श्याम म्हारा,
छोगा वाला श्याम म्हारा,
काला पन घणा रुपाला सा,
मंडपिया वाला श्याम।।


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