रसीया बालम री कथा राजस्थानी कथा लिरिक्स
रसीया बालम री कथा, रसीया बालम री कथा लिखित, दोहा - आबू तू ऊंचो घणो ने पितल हंदी पाल, आबू...
रसीया बालम री कथा, रसीया बालम री कथा लिखित, दोहा - आबू तू ऊंचो घणो ने पितल हंदी पाल, आबू...
हे बाबा मेरे खाटू वाले, हम सब पर उपकार करो, कुछ भी करो कैसे भी करो हमें, भव सागर से...
सुध ले लो मेरी घनश्याम, आप आए नहीं, और खबर भी न ली, खत लिख लिख के भेजे तमाम, सुध...
मैं हारा तू है हारे का सहारा, खताएं मेरी माफ़ कर दे, तूने लाखों को पार उतारा, खताएं मेरी माफ़...
खाटू वाले बाबा सबके भाग्यविधाता, जो भी दर तेरे शीश झुकाये, पाते मेहरबानियाँ, तेरी मेहरबानियाँ, तू है दाता, हे श्याम...
छठ पर्व पे अरग जो भक्त चढ़ा दे, भाग्य जग जाएगा, कोई भाव से छठी मैया को मनाले, भाग्य जग...
भक्त मनावे श्याम जनमदिन, होता उत्सव भारी से, भेजेगा मेरा श्याम बुलावा, मेरी पक्की यारी से।। मेरा जबसे मेल हुआ...
बाबा मेरा भी घर होवे, वहां तेरी नज़र होवे, मेरे दरवाज़े पे लिखेया, मेरे दरवाज़े पे लिखेया, सदा जय श्री...
आया जन्मदिन श्याम धणी का, झूम उठा है आँगन अहलवती का, हर प्रेमी हर्षाया है, बाबा का जन्मदिन आया है,...
चार पंडित काशी से आया, चारों वेद पढ़ आया जी, चार पँडित काशी से आया, चारों वेद पढ़ आया जी,...
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