रसीया बालम री कथा राजस्थानी कथा लिरिक्स

रसीया बालम री कथा,
रसीया बालम री कथा लिखित,

दोहा – आबू तू ऊंचो घणो ने पितल हंदी पाल,
आबू गढा री शोभा देखता,
माने दूजो नी आवे दाय।
पेला बरसु मालवे पचे बरसु मेवाड़,
आबू मत कर ओरथो,
मै बरसु बारम्बार।



रसीयो आयो गढ आबू रे माय,

मारा रसीया बालम रे,
रसीये आयो गढ आबू रे माय,
मारा रसीया बालम रे,
ए तेलवाडे आयने ढालो ढालीयो रे,
गढ आबू माथे रे,
ए तेलवाडे आयने ढालो ढालीयो रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे वटे किनो कारीगरी रो काम,

मारा रसीया बालम रे,
अरे वटे किनो कारीगरी रो काम,
मारा रसीया बालम रे,
अरे वटे रे बनाई मूरत सोवनी रे,
गढ आबू माथे रे,
अरे वटे रे बनाई मूरत सोवनी रे,
गढ आबू माथे रे।।



जितरे आयो राजाजी रो हाट,

मारा रसीया बालम रे,
अरे जितरे आयो राजाजी रो हाट,
मारा रसीया बालम रे,
अरे मूरती री शोभा वेतो देखली रे,
गढ आबू माथे रे,
अरे मूरती री शोभा वेतो देखली रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे वटे बोल्या राजाजी ए बोल,

मारा रसीया बालम रे,
अरे वटे बोल्या राजाजी ए बोल,
मारा रसीया बालम रे,
एक तो रात मे नदी खोदनी रे,
गढ आबू माथे रे,
अरे एक तो रात मे नदी खोदनी रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे एक रात मे नदी परी खोद,

मारा रसीया बालम रे,
अरे एक रात मे नदी परी खोद,
मारा रसीया बालम रे,
ए थने रे परणावु मारी डीकरी रे,
गढ आबू माथे रे,
ए थाने रे परणावु मारी डिकरी रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे रसीये किना अदर देवी ने याद,

मारा रसीया बालम रे,
अरे रसीये किना अदर देवी ने याद,
मारा रसीया बालम रे,
अरे देवी देवता ने वटे बुलावीया रे,
गढ आबू माथे रे,
अरे देवी देवता ने वटे बुलावीया रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे लिना लिना गेती फावडा हाथ,

मारा रसीया बालम रे,
अरे लिना लिना गेती फावडा हाथ,
मारा रसीया बालम रे,
अरे एक तो रात मे नदी खोदीयो रे,
गढ आबू माथे रे,
अरे एक तो रात मे नदी खोदीयो रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे खोद्यो खोद्यो नदी ने तलाब,

मारा रसीया बालम रे,
अरे खोद्यो खोद्यो नदी ने तलाब,
मारा रसीया बालम रे,
ए चारो रे पावडीया पावडीया बांधीया रे,
गढ आबू माथे रे,
ए चारो रे पावडीया पावडीया बांधीया रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे लाया लाया हाथी ने घोडवाल,

मारा रसीया बालम रे,
अरे लाया लाया हाथी ने घोडवाल,
मारा रसीया बालम रे,
अरे हाथी पर असवार रसीयो हो गयो रे,
गढ आबू माथे रे,
अरे हाथी पर असवार रसीयो हो गयो रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे रसीयो आयो साम्बेला रे माय,

मारा रसीया बालम रे,
अरे रसीयो आयो साम्बेला रे माय,
मारा रसीया बालम रे,
अरे सोने री बेडतीये सु बधावीयो रे,
गढ आबू माथे रे,
अरे सोने री बेडतीये सु बधावीयो रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे रसीयो आयो तोरणीयो रे माय,

मारा रसीया बालम रे,
अरे रसीयो आयो तोरणीयो रे माय,
मारा रसीया बालम रे,
ए सोना री सरकलीया सु तोरण बांधीया रे,
गढ आबू माथे रे,
ए सोना री सरकलीया सु तोरण बांधीया रे,
गढ आबू माथे रे।।



अमे रसीयो आयो चवरीयो रे माय,

मारा रसीया बालम रे,
अमे रसीयो आयो चवरीयो रे माय,
मारा रसीया बालम रे,
ए हिरा ने पन्ना री चवरी मांडदी रे,
गढ आबू माथे रे,
ए हिरा ने पन्ना री चवरी मांडदी रे,
गढ आबू माथे रे।।



वटे सासु किनो मन में विचार,

मारा रसीया बालम रे,
वटे सासु किनो मन में विचार,
मारा रसीया बालम रे,
किया रे घरो ने वाला बालका रे,
गढ आबू माथे रे,
ए किया रे घरो ने वाला बालका रे,
गढ आबू माथे रे।।



पचे सासु करीयो कुकडा रो वेश,

मारा रसीया बालम रे,
पचे सासु करीयो कुकडा रो वेश,
मारा रसीया बालम रे,
ए कुकडो बने ने कवेडा बोल्यो रे,
गढ आबू माथे रे,
ए कुकडो बने ने कवेडा बोल्यो रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे रसीये किनो मन में विचार,

मारा रसीया बालम रे,
अरे रसीये किनो मन में विचार,
मारा रसीया बालम रे,
ए बारा ने भवारा बिजोडा पहाडीया रे,
गढ आबू माथे रे,
अरे बारा ने भवारा बिजोडा पहाडीया रे,
गढ आबू माथे रे।।



वटे रसीये धरीयो मिनकी रो वेश,

मारा रसीया बालम रे,
वटे रसीये धरीयो मिनकी रो वेश,
मारा रसीया बालम रे,
ए मिनकी बने ने कुकडा ने मारीयो रे,
गढ आबू माथे रे,
ए मिनकी बने ने कुकडा ने मारीयो रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे जाईजो थारा खोज ने खराब,

मारा रसीया बालम रे,
अरे जाईजो थारा खोज ने खराब,
मारा रसीया बालम रे,
ए बारा ने भवारा बिजोडा पहाडीया रे,
गढ आबू माथे रे,
ए बारा ने भवारा बिजोडा पहाडीया रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे दे दियो वटे सासु जी ए श्राप,

मारा रसीया बालम रे,
अरे दे दियो वटे सासु जी ए श्राप,
मारा रसीया बालम रे,
ए पत्थर री मूरत थेतो रेवजो रे,
गढ आबू माथे रे,
ए पत्थर री मूरत थेतो रेवजो रे,
गढ आबू माथे रे।।



अरे पत्थर री थे मूरत बन गया आप,

मारा रसीया बालम रे,
अरे पत्थर री थे मूरत बन गया आप,
मारा रसीया बालम रे,
अरे वेगया अमर ने रे गई वासना रे,
गढ आबू माथे रे,
अरे वेगया अमर ने रे गई वासना रे,
गढ आबू माथे रे।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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