​वृन्दावन मे हुकुम चले बरसाने वाली का हिंदी भजन लिरिक्स

​वृन्दावन मे हुकुम चले बरसाने वाली का हिंदी भजन लिरिक्स

​वृन्दावन मे हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दिवाना है श्री राधे रानी का।।



वहा डाली डाली पर वहा पत्ते पत्ते पर,

राज राधे का चलता गांव के हर रस्ते पर,
चारो तरफ़ डंका बजता व्रशभान दुलारी का,
कान्हा भी दिवाना है श्री राधे रानी का।। 



कोई नन्दलाल कहता,कोई गोपाल कहता,

कोई कहता कन्हैया कोई बन्शी का बजैया,
नाम बदलकर रख दाला उस क्रिश्न मुरारी का,
कान्हा भी दिवाना है श्री राधे रानी का।। 



सबको कहते देखा बड़ी सरकार है राधे,

लगेगा पार भव से कहो एक बार राधे,
बडा गजब का रुतबा है उसकी सरकारी का,
कान्हा भी दिवाना है श्री राधे रानी का।।



तमाशा एक देखा जरा बनवारी सुनले,

राधा से मिलने खातिर कन्हैया भेश है बदले,
कभी तो चुडी वाले का ओर कभी पुजारी का, 
कान्हा भी दिवाना है श्री राधे रानी का।। 



​वृन्दावन मे हुकुम चले बरसाने वाली का,

कान्हा भी दिवाना है श्री राधे रानी का।। 


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