प्रथम पेज प्रकाश माली भजन सुगना रा आंसूडा पोछया रामदेव सिर हाथ धरयो

सुगना रा आंसूडा पोछया रामदेव सिर हाथ धरयो

सुगना रा आंसूडा पोछया,
रामदेव सिर हाथ धरयो,
भानु ने आवाज लगायी,
सुतो वे तो जाग परो,
आव आव म्हारा प्यारा भानु,
मामोसा बुलावे है,
सुतो वेतो जाग नींद सु,
सुतो वेतो जाग नींद सु,
कैया देर लगावे है,
थाने तो पूजे राजस्थान जियो,
गुजरात जियो ओ खम्मा,
घणी घणी खम्मा राजा रामसापीर ने,
घणी घणी खम्मा राजा रामसापीर ने।।



काना मे आवाज पडी जद,

भानु आलस मरोड़ उठ्यो,
निरखन सारू मामीसा ने,
आयो ओ दौड्यो दौड्यो,
धर बाता ने रामदेवजी,
भानु ने लिपटायो है,
चमत्कार ओ देख सभी के,
चमत्कार ओ देख सभी के,
हिवडे आनंद छायो है,
थाने तो पूजे राजस्थान जियो,
गुजरात जियो ओ खम्मा,
घणी घणी खम्मा राजा रामसापीर ने,
घणी घणी खम्मा राजा रामसापीर ने।।



अपने लाल ने जीवत देख्यो,

सुगना रो मन हर्षायो,
कालजीया रा टुकडा ने वा,
हिवडा सु है लिपटायो,
धीन धीन बीरा रामदेव तू,
सुगना रो है कष्ट हर्यो,
मरीयोडा भानु ने बीरा,
मरीयोडा भानु ने बीरा,
पाछो थे जीवत करीयो,
थाने तो पूजे राजस्थान जियो,
गुजरात जियो ओ खम्मा,
घणी घणी खम्मा राजा रामसापीर ने,
घणी घणी खम्मा राजा रामसापीर ने।।



हरख बधाया गावे सगला,

अजमालजी रे आंगन में,
रूनीचा मे खुशीया छाई,
बीते दिनडा आनंद में,
रामदेव और विरमदेव जी,
खेले दोय चौपड़ पासा,
काना माई टेर पडी है,
काना माई टेर पडी है,
जीव बचावन आ बाबा,
थाने तो पूजे राजस्थान जियो,
गुजरात जियो ओ खम्मा,
घणी घणी खम्मा राजा रामसापीर ने,
घणी घणी खम्मा राजा रामसापीर ने।।



सुगना रा आंसूडा पोछया,

रामदेव सिर हाथ धरयो,
भानु ने आवाज लगायी,
सुतो वे तो जाग परो,
आव आव म्हारा प्यारा भानु,
मामोसा बुलावे है,
सुतो वेतो जाग नींद सु,
सुतो वेतो जाग नींद सु,
कैया देर लगावे है,
थाने तो पूजे राजस्थान जियो,
गुजरात जियो ओ खम्मा,
घणी घणी खम्मा राजा रामसापीर ने,
घणी घणी खम्मा राजा रामसापीर ने।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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