रामाधणी म्हारा रामाधणी भावना सु ध्यावे ज्यापर महर घणी

रामाधणी म्हारा रामाधणी,
भावना सु ध्यावे ज्यापर महर घणी,
महर घणी लीला लहर घणी,
महर घणी लीला लहर घणी,
भावना सु ध्यावे ज्यापर महर घणी।।



लखी बिन्जारो जद बालद लायो,

लखी बिन्जारो जद बालद लायो,
अपनी करनी रो लखी फल एसो पायो,
लून पलट पाची मिसरी करी,
लून पलट बाबे मिसरी करी,
भावना सु ध्यावे ज्यापर महर घणी।।



बनीयो बोयतो जद समंदा सु चाल्यो,

बानीयो बोयतो जद समंदा सु चाल्यो,
नावडी डूबन ने लागी बाबा ने पुकारीयो,
समंदा सु जहाज़ तिराई आप धणी,
समंदा सु जहाज़ तिराई आप धणी,
भावना सु ध्यावे ज्यापर महर घणी।।



पाँचो ही पीर बाबा परखन आया,

पाँचो ही पीर बाबा परखन आया,
मक्का सु कटोरा बाबा आप मंगाया,
पीरा रा तो पीर केवाया रामाधणी,
पीरा रा तो पीर केवाया रामाधणी,
भावना सु ध्यावे ज्यापर महर घणी।।



भादवा री बीज मेलो रणुजा मे आयो,

भादवा री बीज मेलो रणुजा मे आयो,
जैसी ज्यारी भावना फल वैसो पायो,
‘गोपाल बजाज’ चरने आयो धणी,
श्याम री तो अरजी सुनलो रामाधणी,
भावना सु ध्यावे ज्यापर महर घणी।।



रामाधणी म्हारा रामाधणी,

भावना सु ध्यावे ज्यापर महर घणी,
महर घणी लीला लहर घणी,
महर घणी लीला लहर घणी,
भावना सु ध्यावे ज्यापर महर घणी।।

गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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