म्हारो बिलाड़ो है कालजीया री कोर मानीजे आका देश में

म्हारो बिलाड़ो है कालजीया री कोर,
ओ मानीजे आका देश में,
ओ मारो बिलाड़ो है कालजीया री कोर,
मानीजे आका देश में,
ओ जटे बली राजा रो मन्दिर बनीयो जोर,
अरे धर्म तो आवे जातरी।।



ओ जटे आई माता रो मन्दिर बनीयो जोर,

ओ जटे आई माता रो मन्दिर बनीयो जोर,
अरे धर्म तो आवे जातरी।।



ओ जटे त्रिलोकी रो नाथ आया पावना,

ओ जटे त्रिलोकी रो नाथ आया पावना,
ए मारे बली राजा रो परचो देखो जोर,
अरे मारे बली राजा रो परचो देखो जोर,
धर्म तो आवे जातरी।।



ओ जटे नवसतीयो रो मेलो लागे जोर,

ओ जटे नवसतीयो रो मेलो लागे जोर,
मानीजे आका देश में।।



ओ जटे आई माता रे केसर बरसे जोर,

ओ जटे आई माता रे केसर बरसे रोज,
सीरवी तो आवे जातरी।।



ए एतो ओमजी आचार्य शरना माय,

एतो ओमजी आचार्य तो शरना माय,
अनिल जी तो गावे रोजरा,
ए थारा ओमजी ने शरना मायने राखो,
चरना मे नित उठ आविया।।



म्हारो बिलाड़ो है कालजीया री कोर,

ओ मानीजे आका देश में,
ओ मारो बिलाड़ो है कालजीया री कोर,
मानीजे आका देश में,
ओ जटे बली राजा रो मन्दिर बनीयो जोर,
अरे धर्म तो आवे जातरी।।

गायक – मुकेश जी नायक।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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