भोले दी बरात चढ़ी गज वज के भजन लिरिक्स
भोले दी बरात चढ़ी, गज वज के, सारीया ने भंग पीती, रज रज के, हो सारीया ने सारीया ने, सारीया ...
Read moreDetailsभोले दी बरात चढ़ी, गज वज के, सारीया ने भंग पीती, रज रज के, हो सारीया ने सारीया ने, सारीया ...
Read moreDetailsजब भी विपदा आई मैंने, श्याम को याद किया, खाटू वाले श्याम का ही बस, मुख से नाम लिया, दीनदयालु ...
Read moreDetailsतेरे बिना हम तो कुछ भी नहीं है, ये आँखों की भाषा भी कहती यही है।। तर्ज - तू जो ...
Read moreDetailsबरसाने की गलियों की, जब याद सताती है, ऐसा मुझे लगता है, जैसे श्री जी बुलाती है।। तर्ज - बाबुल ...
Read moreDetailsतुझे ना देखूं तो चेन मुझे आता नही है, अब तेरे सिवा दिल को कोई भाता नहीं है, सुनो मेरे ...
Read moreDetailsजिस रथ पे बैठ श्री श्याम प्रभु, बनडा बनकर मुस्काता है, खुशियां उस और बरसती है, ये जिधर जिधर भी ...
Read moreDetailsबाबा तेरा बड़ा उपकार, मेरी झोली है भर आई, मेरे घर को तूने बसाई, तेरे प्यार की हुई बौछार, ओ ...
Read moreDetailsगुरु जी बिना कोई कामे नी आवे, कुल अभिमान मिटावे है, कुल अभिमान मिटावे हो साधो, अरे सतलोक पहुँचावे है, ...
Read moreDetailsहालो हालो म्हारा दीनदयाल, म्हारे घर हालोनी। दोहा - रामा सामा आवजो, ने कलजुग बहत करूर, अरज करूँ अजमाल रा, ...
Read moreDetailsभाई लेनी गुरूजी री शरण, तरण रो मौको आयो रे। सुबीसा से मनुष्य तन पायो, अरे अजब सोच मन मे ...
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