हम कथा सुनाते आज तुम्हें,
सूर्यवंशी इतिहास की,
वीरो के वो वीर की,
मेवाड़ा रणधीर की,
महाराणा प्रताप की,
महाराणा प्रताप की।।
देखें – हल्दीघाटी में समर लड्यो।
बप्पा रावल वीरों के भी वीर थे,
मुट्ठी में रखते अपनी तकदीर थे,
राणा हमीर सिंह राजपूत बलवान थे,
जिनके आगे नतमस्तक सुल्तान थे,
राणा कुंभा एक भी युद्ध नहीं हारे,
थर थर कांपे दुश्मन उनके डर के मारे,
थर थर कांपे दुश्मन उनके डर के मारे,
राणा सांगा और उदय सिंह हो,
राणा सांगा और उदय सिंह,
वीरों के वो वीर की,
मेवाड़ा रणधीर की,
महाराणा प्रताप की,
महाराणा प्रताप की।।
राजपुत्र वो वीर शिरोमणि,
महाराणा प्रताप है,
महाराणा प्रताप है,
कमर कृपाण हाथ में भाला,
चेतक रो असवार है,
चेतक रो असवार है,
कूद गए जब युद्धभूमि में,
मूछों पे बल मोड़ के,
अकबर सेना भाग गई थी,
रणभूमि को छोड़ के,
रणभूमि को छोड़ के,
हल्दी घाटी में युद्ध लड्यो हो,
हल्दी घाटी में युद्ध लड्यो,
चली ना मुगल के बाप की,
वीरों के वो वीर की,
मेवाड़ा रणधीर की,
महाराणा प्रताप की,
महाराणा प्रताप की।।
उदय सिंह और जयवंता का,
पुत्र वो वीर प्रताप है,
पुत्र वो वीर प्रताप है,
प्राण जाए पर वचन ना जाए,
एक लिंग दीवान है,
एक लिंग दीवान है,
पुत्र जने तो ऐसा जन,
महाराणा प्रताप सा,
महाराणा प्रताप सा,
मातृभूमि का मान रखे जो,
दृढ़ निश्चय विश्वास का,
दृढ़ निश्चय विश्वास का,
पुण्य भूमि ये वीरभूमि,
चित्तौड़ है राजस्थान की,
गणेश सिंह ये गाथा गावे,
वीरों के स्वाभिमान की,
वीरों के वो वीर की,
मेवाड़ा रणधीर की,
जय महाराणा प्रताप की,
महाराणा प्रताप की।।
वीरों का वो वीर है,
मेवाड़ा रणधीर है,
क्षत्रिय कुल की शान है,
पराक्रमी बलवान है,
मातृभूमि का मान है,
वीरों का सम्मान है,
झुका नहीं मुगलों के आगे,
एक लिंग दीवान है,
एक लिंग दीवान है,
झुका नहीं मुगलों के आगे,
एक लिंग दीवान है।,
एक लिंग दीवान है,
वीर पुत्र की गौरव गाथा हो,
वीर पुत्र की गौरव गाथा,
महाराणा प्रताप की,
वीरो के वो वीर की,
मेवाड़ा रणधीर की,
जय महाराणा प्रताप की,
जय महाराणा प्रताप की।।
Singer – Ganesh Rajput
8720060464








