थे तो श्यामबाग में,
झूला झूलण चालो ओ साँवरिया,
थे चालो ओ साँवरिया,
यो आयो महीनो सावण को,
आयो जी आयो,
आयो महीनो सावण को।।
नाचे मोर मोरणी मंगल गावै है,
कोयल मीठे मीठे शबद सुनावै है,
म्हानै पपीहारी बोली प्यारी,
लागे ओ साँवरिया,
लागे ओ साँवरिया,
आयो महीनो सावण को।।
खिल रहा फूल गुलाब भँवर गुंजार करै,
हर डाली पर फूल कली से प्यार करै,
या तो रिमझिम पानी बरसे बिजली,
चमके ओ साँवरिया,
चमके ओ साँवरिया,
आयो महीनो सावण को।।
अंगूरां की बेल झूमती झूले है,
मोतियन की सी बेल डाल पर झूले है,
म्हानै हरीभरी हरियाली प्यारी,
लागे ओ साँवरिया,
लागे ओ साँवरिया,
आयो महीनो सावण को।।
हरियाली की चूनड़ फूलड़ा चमकै है,
दुल्हन सी सज रही दरश न तरसै है,
म्हानै हरी हरी को सार मिलग्यो,
मिलग्यो जी साँवरिया,
मिलग्यो ओ साँवरिया,
आयो महीनो सावण को।।
म्हारी सुरता कर सिंगार बाग में जावै है,
“सोहनलाल लोहाकार” प्रभु गुण गावै है,
म्हारी पलकां रा पालण झूला,
झूलो ओ साँवरिया,
झूलो ओ साँवरिया,
आयो महीनो सावण को।।
थे तो श्यामबाग में,
झूला झूलण चालो ओ साँवरिया,
थे चालो ओ साँवरिया,
यो आयो महीनो सावण को,
आयो जी आयो,
आयो महीनो सावण को।।
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🎤 गायक / Singer – Rohit Sharma “Jimmy”
✍️ लेखक / Lyrics – Aadarniya Sohanlal Lohakar Ji








