तुम तो जोगी अस्सी बरस के,
बाली है मोरी उमरिया,
बनवा दो पिया,
सोने की एक मढ़ैया,
बनवा दो पिया,
सोने की एक मढ़ैया।।
इतना सुनकर शिव शंकर ने,
विश्वकर्मा बुलवाये,
इतना सुनकर शिव शंकर ने,
विश्वकर्मा बुलवाये,
सोने का एक महल बनाया,
सोने कलश धराये,
सोने का एक महल बनाया,
सोने कलश धराये,
काग कंगूरे सब सोने के,
भोले नाथ,,,
काग कंगूरे सब सोने के,
सोने की ही किवड़िया,
बनवा दो पिया,
सोने की एक मढ़ैया,
बनवा दो पिया,
सोने की एक मढ़ैया।।
शिव शंकर और पार्वती जब,
स्वर्ण महल में आये,
शिवशंकर और पार्वती जब,
स्वर्ण महल में आये,
रावण जैसे पंडित ज्ञानी,
पूजन करने आये,
रावण जैसे पंडित ज्ञानी,
पूजन करने आये,
कैसो सुंदर महल बन्यो है,
भोले नाथ,,,
कैसो सुंदर महल बण्यो है,
ठहरे नाही नज़रिया,
बनवा दो पिया,
सोने की एक मढ़ैया,
बनवा दो पिया,
सोने की एक मढ़ैया।।
संकल्प किया जब शिवशंकर ने,
रावण हाथ फैलाये,
संकल्प किया जब शिवशंकर ने,
रावण हाथ फैलाये,
दीजिये दक्षिणा मुझको स्वामी,
कारज सफल बनाये,
दीजिये दक्षिणा मुझको स्वामी,
कारज सफल बनाये,
क्या दे दूँ मैं इस ब्राह्मण को,
भोले नाथ,,,
क्या दे दूँ मैं इस ब्राह्मण को,
लेजा ये ही अटरिया,
बनवा दो पिया,
सोने की एक मढ़ैया,
बनवा दो पिया,
सोने की एक मढ़ैया।।
शिव और पार्वती मिलकर,
वापस कैलाश को आये,
शिव और पार्वती मिलकर,
वापस कैलाश को आये,
काशीनाथ कहे जग दाता,
हमें महल ना भाये,
काशीनाथ कहे जग दाता,
हमें महल ना भाये,
गौरा बोली साथ चलूंगी,
भोले नाथ,,,
गौरा बोली साथ चलूंगी,
तेरी नाथ नगरीया,
ना चाहिए रे भोला,
सोने की कोई मढ़ैया,
ना चाहिए रे भोला,
सोने की कोई मढ़ैया।।
तुम तो जोगी अस्सी बरस के,
बाली है मोरी उमरिया,
बनवा दो पिया,
सोने की एक मढ़ैया,
बनवा दो पिया,
सोने की एक मढ़ैया।।
Video / Music By – Bhajan Diary








