फागण रंग रंगीले में,
दीवानों के रेले में,
देखो देखो मुझे छोड़ ना देना,
देखो देखो मुझे छोड़ ना देना,
मैं रोऊंगा अकेले में,
मुझे लेके चलो ना,
खाटू जी के मेले में।।
रिंगस से खाटू मैं जाऊं,
श्याम ध्वजा एक मै भी उठाऊं,
तोरण द्वार पे सर को झुका के,
श्याम ध्वजा बाबा को चढ़ाऊं,
क्या रखा है ऐ मेरे श्याम,
क्या रखा है दुनिया के झमेले में,
मुझे ले के चलों ना,
खाटू जी के मेले में।।
भक्तों की यहां टोलिया आए,
आकर मस्ती धूम मचाए,
आने वाले हर प्रेमी पे,
बाबा अपना रंग चढ़ाए,
दिल ललचाए ऐ मेरे श्याम,
दिल ललचाए उस मेले अलबेले में,
मुझे ले के चलों ना,
खाटू जी के मेले में।।
खाटू की गलियों के नज़ारे,
इन आंखों को लगते है प्यारे,
गूंजे चारों ओर यहां पर,
खाटू वाले के जयकारे,
अच्छा लगता ऐ मेरे श्याम,
अच्छा लगता चलना मुझे इस रेले में,
मुझे ले के चलों ना,
खाटू जी के मेले में।।
दिल नहीं लगता है तेरे बिन,
गुजरा एक बरस दिन गिन गिन,
लेलो खबर ‘कुंदन’ की बाबा,
आया है रंगो का ये दिन,
आऊं मैं भी ऐ मेरे श्याम,
आऊं मैं भी मेले रंग रंगीले में,
मुझे ले के चलों ना,
खाटू जी के मेले में।।
फागण रंग रंगीले में,
दीवानों के रेले में,
देखो देखो मुझे छोड़ ना देना,
देखो देखो मुझे छोड़ ना देना,
मैं रोऊंगा अकेले में,
मुझे लेके चलो ना,
खाटू जी के मेले में।।
Singer – Shahnaaz Akhtar
Lyrics – Kundan Akela








