प्रथम पेज राजस्थानी भजन म्हारा रूपनारायण नाथ सेवन्त्री बिराज रया भजन लिरिक्स

म्हारा रूपनारायण नाथ सेवन्त्री बिराज रया भजन लिरिक्स

म्हारा रूपनारायण नाथ,
सेवन्त्री बिराज रया,
ओ मारा रूपनारायण नाथ,
सेवन्त्री बिराज रया।।



सेवन्त्री में मंदिर बाबा,

आप रो बनियो भारी,
ओ फागा माई फ़ाग रमे यो,
आवे कई नर नारी,
फागुन महीना में फ़ाग रमे यो,
आवे कई नर नारी,
ये कोई नाचे गुमर ताल,
सेवन्त्री बिराज रया,
ओ मारा रूपनारायण नाथ,
सेवन्त्री बिराज रया।।



खूब सुहानी झांकी आपरी,

देख्या ही मन भावे,
खूब सुहानी झांकी आपरी,
देख्या ही मन भावे,
सूरत थारी गणि रुपाली,
मारो मन हरसावे,
सूरत थारी गणि रुपाली,
मारो मन हरसावे,
ओ कोई चरणा में गुण गाए,
सेवन्त्री बिराज रया,
ओ मारा रूपनारायण नाथ,
सेवन्त्री बिराज रया।।



मोर मुकुट पीताम्बर माला,

कुंडलीयो मन मोहे,
ओ मोर मुकुट पीताम्बर माला,
कुंडलीयो मन मोहे,
घेर दार वागा के ऊपर,
ढाल अजब की सोवे,
सोना रो छतरी यो राज,
सेवन्त्री बिराज रया,
ओ मारा रूपनारायण नाथ,
सेवन्त्री बिराज रया।।



भगति जी लाडला थे,

लष्मी जी रा प्यारा,
भगति जी लाडला थे,
लष्मी जी रा प्यारा,
ओ देवाजी रा प्यारा थे तो,
रूपनारायण म्हारा,
ओ जी देवाजी रा प्यारा थे तो,
रूपनारायण म्हारा,
ओ थारी झांकी बड़ी रे अपार,
सेवन्त्री बिराज रया,
ओ मारा रूपनारायण नाथ,
सेवन्त्री बिराज रया।।



ओ जुलनी ग्यारस पे थे तो,

जावे देव तलाई,
ओ जुलनी ग्यारस पे थे तो,
जावे देव तलाई,
ओ देवाजी रा प्यारा थाने,
भगत गना जुलाई,
ओ देवाजी रा प्यारा थाने,
भगत गना जुलाई,
ओ सब गावे मंगला चार,
सेवन्त्री बिराज रया,
ओ मारा रूपनारायण नाथ,
सेवन्त्री बिराज रया।।



ओ सेवड़ राजपुरोहित थारी,

सेवा करे ह भारी,
ओ सेवड़ राजपुरोहित थारी,
सेवा करे ह भारी,
ओ देवाजी रा प्यारा कहिजे,
कलयुग रा अवतारी,
ओ देवाजी रा प्यारा कहिजे,
कलयुग रा अवतारी,
थारी महिमा बड़ी रे अपार,
सेवन्त्री बिराज रया,
ओ मारा रूपनारायण नाथ,
सेवन्त्री बिराज रया।।



चारभुजा जी रा मोटा भाई,

रोकड़िया जी लारी,
चारभुजा जी रा मोटा भाई,
रोकड़िया जी लारी,
लक्ष्यमन जूलो प्यारो लागे,
जावा मैं बलिहारी,
लक्ष्यमन जूलो प्यारो लागे,
जावा मैं बलिहारी,
थारी महिमा बड़ी रे अपार,
सेवन्त्री बिराज रया,
ओ मारा रूपनारायण नाथ,
सेवन्त्री बिराज रया।।



म्हारा रूपनारायण नाथ,

सेवन्त्री बिराज रया,
ओ मारा रूपनारायण नाथ,
सेवन्त्री बिराज रया।।

स्वर – भगवती लाल सुथार।
प्रेषक – जितेंद्र नारायण लाल जी पण्डिया।
सेवन्त्री मो.8696183057
श्री रूपनारायण जी सेवा संघठन सेवन्त्री।
S.R.S.S 7.3


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