अमल कालजे लागो आज मारो मनड़ो हुओ वैरागी

अरे आज मारो मनड़ो हुओ वैरागी,
उठे हवारनो वेगो रे जीवडा,
अमल कालजे लागो ए हा।।



घर वाली ने हेलो रे मारीयो,

देवे नी लोटो आगो रे जीवडा,
अमल कालजें लागो ए हा।।



घर वाली ने हेलो रे मारीयो,

देवेनी चुटीयो आगो रे जीवडा,
अमल कालजें लागो ए हा।।



अरे अलीये गलीये फिरे भटकतो,

अरे करे अमल ने आगो रे जीवडा,
अमल कालजें लागो ए हा।।



जाय अमलो मे नीचो बैठो,

गोडो बिच मे मातो रे जीवडा,
अमल कालजें लागो ए हा।।



अरे एक हथेली ने दुजी हथेली,

तीजी पिवा लागो रे जीवडा,
अमल कालजें लागो ए हा।।



अरे हाड गले ज्यारा मांस गले,

डगमग करवा लागो रे जीवडा,
अमल कालजें लागो ए हा।।



अरे गाडो बेचीयो ने बलद बेचीया,

घर बेचवा लागो रे जीवडा,
अमल कालजें लागो ए हा।।



अरे कहेसे कबीर सुनो रे भई संतों,

अमल राखजो आगो रे जीवडा,
अमल कालजें लागो ए हा।।



अरे आज मारो मनड़ो हुओ वैरागी,

उठे हवारनो वेगो रे जीवडा,
अमल कालजे लागो ए हा।।

भजन प्रेषक – मनीष जी सिरवी।
9640557818


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