मंगल मूरति राम दुलारे भजन लिरिक्स

मंगल मूरति राम दुलारे भजन लिरिक्स

मंगल मूरति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे,
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण,
हे महावीर करो कल्याण।।



तीनो लोक तेरा उजियारा,

दुखियों का तूने काज सवारा,
हे जगवंदन केसरी नंदन,
हे जगवंदन केसरी नंदन,
कष्ट हरो हे कृपा निधान,
कष्ट हरो हे कृपा निधान।

मंगल मुरति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे,
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण,
हे महावीर करो कल्याण।।



तेरे द्वारे जो भी आया,

खाली नहीं कोई लौटाया,
दुर्गम काज बनावन हारे,
दुर्गम काज बनावन हारे,
मंगलमय दीजो वरदान,
मंगलमय दीजो वरदान।

मंगल मुरति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे,
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण,
हे महावीर करो कल्याण।।



तेरा सुमिरन हनुमत वीरा,

नासे रोग हरे सब पीरा,
राम लखन सीता मन बसिया,
राम लखन सीता मन बसिया,
शरण पड़े का कीजे ध्यान,
शरण पड़े का कीजे ध्यान।

मंगल मूरति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे,
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण,
हे महावीर करो कल्याण।।


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