प्रथम पेज हनुमान भजन हे दुःख भंजन मारुती नंदन हनुमान जी भजन लिरिक्स

हे दुःख भंजन मारुती नंदन हनुमान जी भजन लिरिक्स

हे दुःख भंजन मारुती नंदन,
सुनलो मेरी पुकार,
पवनसुत विनती बारम्बार।। 



अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता २

दुखियो के तुम भाग्य विधाता २
सियाराम के काज संवारे २
मेरा कर उद्धार पवनसुत विनती बारम्बार
हे दुःख भंजन मारुती नंदन।



अपरम पार है शक्ति तुम्हारी २

तुम पर रीझे अवध बिहारी २
भक्ति भाव से ध्याऊँ तोहे २
कर दुखो से पार पवनसुत विनती बारम्बार
हे दुख भंजन मारुती नंदन।



जपु निरन्तर नाम तुम्हारा २

अब नहीं छोड़ू तेरा द्वारा २ 
राम भक्त मोहे शरण में लीजे
भाव सागर से तार पवनसुत विनती बारम्बार
हे दुःख भंजन मारुती नंदन।


हे दुख भंजन मारुती नंदन
सुनलो मेरी पुकार पवनसुत विनती बारम्बार ।

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5 टिप्पणी

  1. Ati Priya Bhajan, he bhagwan sabhi ke dukho ko door karo. Sabka swashta theek karo. Sabhi ka Rog dosh door karo. Sabhi ko ashirwad do. Sahas do. Shakti do. Jai Bhagwan. Jai siya raam chandra ki jai

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