प्रथम पेज कृष्ण भजन मन्दिर मे रहते हो भगवन कभी बाहर भी आया जाया करो लिरिक्स

मन्दिर मे रहते हो भगवन कभी बाहर भी आया जाया करो लिरिक्स

मन्दिर मे रहते हो भगवन,
कभी बाहर भी आया जाया करो,

मैं रोज़ तेरे तेरे दर आता हूँ,
कभी तुम भी मेरे घर आया करो।। 



मै तेरे दर का जोगी हूँ,

हुआ तेरे बिना वियोगी हूँ, 
तेरी याद मे आसूं गिरते हैं,
इतना ना मुझे तड़पाया करो।। 



आते क्यों मेरे नजदीक नहीं,

इतना तो सताना ठीक नहीं, 
मैं दिल से तुमको चाहता हूँ,
कभी तुम भी मुझे अपनाया करो।। 



मैं दीन हूँ, दीनानाथ हो तुम,

सुख दुःख मे सबके साथ हो तुम, 
मिलने की चाह खामोश करें,
कभी तुम भी मिला मिलाया करो।। 



मन्दिर मे रहते हो भगवन,
कभी बाहर भी आया जाया करो,
मैं रोज़ तेरे तेरे दर आता हूँ,
कभी तुम भी मेरे घर आया करो।। 


कोई टिप्पणी नही

आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें

error: कृपया प्ले स्टोर से \"भजन डायरी\" एप्प डाउनलोड करे।