कुल रा देवा पुरबजी ने पुजु बारम्बार दिन दुनो चोगडो चाले कारोबार

कुल रा देवा पुरबजी ने,
पुजु बारम्बार,
दिन दुनो चोगडो,
चाले ला कारोबार,
अरे दिन दुनो चोगडो,
चाले ला कारोबार।।



पुरबजी मारा ओ कुल रा देवा ओ,

अरे आया थारे द्वार,
पुरबजी दर्शन देवो ओ,
अरे आया थारे द्वार,
पुरबजी दर्शन देवो ओ।।



ए पुरबजी थेतो भले पधारीया,

ए भगता ने दर्शन दिदा,
ए पुरबजी थेतो भले पधारीया,
ए भगता ने दर्शन दिदा,
ए पुरबजी थोरा कुटम,
परिवार बुलाया,
अरे भाग पुरब धणी आया।।



ए पुरबजी आगलेचा परिवार मे आया,

ए थोरा भगत घणा हर्षाया,
ए पुरबजी आगलेचा परिवार में आया,
ए थोरा भगत घणा हर्षाया,
ए पुरबजी भले थेतो पधारीया,
भगता ने दर्शन दिना।।



अरे किकर करू सेवना,

किकर पूजा पाठ,
अरे किकर करू सेवना,
किकर पूजा पाठ,
अरे किनविद होवे सगला ठाटबाट,
अरे कुल रा देवा पुरबजी ने,
पुजु बारम्बार,
अरे दिन दुनो चोगडो,
चाले ला कारोबार।।



अरे कुंकुम केसर,

पुरू मोतीया रा थाल,
अरे कुंकुम केसर,
पुरू मोतीया रा थाल,
अरे इनविद करसी पुरबजी ठाटबाट,
अरे कुल रा देवा पूरबजी ने,
पुजु बारम्बार,
अरे दिन दुनो चोगडो,
चाले ला कारोबार।।



कुल रा देवा पूरबजी ने,

पुजु बारम्बार,
दिन दुनो चोगडो,
चाले ला कारोबार,
अरे दिन दुनो चोगडो,
चाले ला कारोबार।।

गायक – संत कन्हैयालाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें