चलो चलो ग्यारस का मेला आ गया,
खाटू वाले श्याम धनी का मेला आ गया,
मेरे खाटू वाले श्याम धनी का मेला आ गया।।
मेला तो हर रोज यहां है,
पर ग्यारस की बात निराली है,
पर ग्यारस की बात निराली है,
सच्चे मन से आने वाले की,
पल भर में झोली भर डाली,
पल भर में झोली भर डाली,
मुंह मांगा वर पाने का वेला आ गया,
खाटूवाले श्याम धणी का मेला आ गया।।
क्या सुंदर दरबार सजा है,
नजर नहीं टिकती बाबा पर,
नजर नहीं टिकती बाबा पर,
क्या-क्या कहने मैं आया था,
भूल गया सब नैन मिलाकर,
भूल गया सब नैन मिलाकर,
देख बाबा भक्तों का रेला आ गया,
खाटूवाले श्याम धणी का मेला आ गया।।
मेरे सपनों की दुनिया तो,
इनके दम से रोशन होती,
इनके दम से रोशन होती,
मेरे घर आंगन में इनकी,
कृपा की जलती है ज्योति,
कृपा की जलती है ज्योति,
मैं तो छोड़ जग का झमेला आ गया,
खाटूवाले श्याम धणी का मेला आ गया।।
किस्मत से दरबार मिला है,
सदा ही इनका प्यार मिला है,
सदा ही इनका प्यार मिला है,
पिछले जन्म के सत्कर्मों का,
‘टोनी’ को उपहार मिला है,
हम सबको उपहार मिला है,
देख मेरे मालिक तेरा चेला आ गया,
खाटूवाले श्याम धणी का मेला आ गया।।
चलो चलो ग्यारस का मेला आ गया,
खाटू वाले श्याम धनी का मेला आ गया,
मेरे खाटू वाले श्याम धनी का मेला आ गया।।
Singer / Lyrics – Sukhjeet Singh Toni








