हो थाने मनावा,
झोरड़ा रा बापजी ओ,
लगावा थारे पांचम री,
परिक्रमा जी हा,
लगावा थारे पांचम री,
परिक्रमा जी हा,
कृपा थे करजो,
म्हारा बापजी ओ,
मनावा थाने महे तो,
बारी बारी जी हा।।
झोरड़ा में बनियों थारो देवरों जी,
थारे आवे नर और नारी जी हा,
हो थारे आवे नर और नारी जी हा,
कलयुग रा कहीजो मोटा देवता जी,
थोरा जग में पर्चा भारी जी हा,
हो थोरा जग में पर्चा भारी जी हा।।
धुनों थे तपियो बाला जी रे नाम रो जी,
थे तो किनी भक्ति भारी जी हा,
हो थे तो किनी भक्ति भारी जी हा,
अलख जगाई हरि रे नाम री जी,
मिटाओ थे भेद भाव रो धंधों जी हा,
मिटाओ थे भेद भाव रो धंधों जी हा।।
दुखिया रे हेले बेगा आवजों जी,
थे तो करदो सब ने सुखिया जी हा,
हो थे तो करदो सब ने सुखिया जी हा,
उदमी बाघेला री सुनजो विनती जी,
लगावो थे भव सु पार बेड़ी जी हा,
लगावो थे भव सु पार बेड़ी जी हा।।
हो थाने मनावा,
झोरड़ा रा बापजी ओ,
लगावा थारे पांचम री,
परिक्रमा जी हा,
लगावा थारे पांचम री,
परिक्रमा जी हा,
कृपा थे करजो,
म्हारा बापजी ओ,
मनावा थाने महे तो,
बारी बारी जी हा।।
गायक – उदमी बाघेला।
8094273572








