म्हारी अम्बा जगदम्बा खेले,
चौक में हो राज,
इना चौक मे हो राज,
मंदर चौक में हो राज,
म्हारी अम्बा जगदम्बा खेलें,
चौक में हो राज।।
भई भई ने कुमारियों म्हारो,
भाई लो हो राज,
म्हारी अम्बा सारू गरबो,
लई आव जो जी,
म्हारी ज्वाला सारु गरबो,
लई आव जो जी,
म्हारी अम्बा जगदम्बा खेलें,
चौक में हो राज।।
भई भई ने सुतारियो म्हारो,
भाई लो हो राज,
म्हारी अम्बा सारु बाजुटो,
लइ आव जो जी,
म्हारी ज्वाला सारु बाजुटो,
लइ आव जो जी,
म्हारी अम्बा जगदम्बा खेलें,
चौक में हो राज।।
भई भई ने लखेरियो म्हारो,
भाई लो हो राज,
म्हारी अम्बा सारु चुडिलो,
लइ आवजो जी,
म्हारी ज्वाला सारु चुडिलो,
लइ आवजो जी,
म्हारी अम्बा जगदम्बा खेलें,
चौक में हो राज।।
भई भई ने सुनारियो म्हारो,
भाई लो हो राज,
म्हारी अम्बा सारु छत्तर,
लइ आवजो जी,
म्हारी ज्वाला सारु छत्तर,
लइ आवजो जी,
म्हारी अम्बा जगदम्बा खेलें,
चौक में हो राज।।
झूमर झलके अम्बा का,
गौरा गाल पे हो राज,
गोरा गाल पे हो राज,
झूमर बाल पे हो राज
झूमर झलके अम्बा का,
गौरा गाल पे हो राज।
म्हारी अम्बा जगदम्बा खेले,
चौक में हो राज,
इना चौक मे हो राज,
मंदर चौक में हो राज,
म्हारी अम्बा जगदम्बा खेलें,
चौक में हो राज।।
गायक – जीवन योगी।
संपर्क – 6263929781








