प्रथम पेज दुर्गा माँ भजन एक तमन्ना माँ है मेरी दिल में बसा लूँ सूरत तेरी भजन...

एक तमन्ना माँ है मेरी दिल में बसा लूँ सूरत तेरी भजन लिरिक्स

एक तमन्ना माँ है मेरी,
दिल में बसा लूँ सूरत तेरी,
हर पल उसी को निहारा करूँ,
हर पल उसी को निहारा करूँ,
मैया मैया मुख से उचारा करूँ।।

तर्ज – एक तमन्ना श्याम है मेरी।



रोज सवेरे उठ कर मैया,

तुझको शीश नवाउँ मैं,
प्रेम भाव से भांति भांति का,
नित श्रृंगार सजाउँ मैं,
हाथो से आरती उतारा करूँ,
मैया मैया मुख से उचारा करूँ।।



इस तन से जो काम करूँ मैं,

सब कुछ तुझको अर्पित हो,
खाऊं जो प्रशाद हो तेरा,
पीऊं वो चरणामृत हो,
आँखों से दर्शन तुम्हारा करूँ,
मैया मैया मुख से उचारा करूँ।।



‘बिन्नू’ की विनती माँ तुमसे,

इतनी किरपा कर देना,
चरणों की सेवा मिल जाए,
इससे बढ़कर क्या लेना,
असुवन से इनको पखारा करूँ,
मैया मैया मुख से उचारा करूँ।।



एक तमन्ना माँ है मेरी,

दिल में बसा लूँ सूरत तेरी,
हर पल उसी को निहारा करूँ,
हर पल उसी को निहारा करूँ,
मैया मैया मुख से उचारा करूँ।।

स्वर – सौरभ मधुकर।


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