दुनिया बिगाड़े बनतो काम,
बिगड़ी बनावे बाबो श्याम,
अरे बाबो श्याम,
म्हारो बाबो श्याम।।
तर्ज – घर आया मेरा परदेसी।
क्यों दुनिया में तू रोवे है,
क्यों दुनिया में तू रोवे है,
बची लाज तू क्यों खोवे है,
बची लाज तू क्यों खोवे है,
लाज बचानियों जी को नाम,
बिगड़ी बनावे बाबो श्याम।।
देखें – क्यों भूल गए श्यामा।
घणो मोकलो देवे है,
घणो मोकलो देवे है,
कदे ना ओटो लेवे है,
कदे ना ओटो लेवे है,
मिनख यो कोनी है भगवान,
बिगड़ी बनावे बाबो श्याम।।
श्याम ही जीवन श्याम ही प्राण,
श्याम ही जीवन श्याम ही प्राण,
‘कपिल’ की या ही एक पहचान,
‘कपिल’ की या ही एक पहचान,
बोलो भाई जय श्री श्याम,
बिगड़ी बनावे बाबो श्याम।।
दुनिया बिगाड़े बनतो काम,
बिगड़ी बनावे बाबो श्याम,
अरे बाबो श्याम,
म्हारो बाबो श्याम।।
गायक – संजय मित्तल जी।








