सिर बांधे मुकुट खेले होली भजन लिरिक्स
सिर बांधे मुकुट खेले होली, सिर बांधे मुकुट खेले होरी।। पहली होली वृंदावन में खेले, वृंदावन में खेले वृंदावन में...
Read moreDetailsसिर बांधे मुकुट खेले होली, सिर बांधे मुकुट खेले होरी।। पहली होली वृंदावन में खेले, वृंदावन में खेले वृंदावन में...
Read moreDetailsमनाई हम सबने, योग आश्रम में होली, सतगुरु जी के संग खेली हमने, फूलों वाली होली।। प्रातः काल की शुभ...
Read moreDetailsकिस्मत का है वो तो, सबसे धनी, जिस पे खुश हो शनि, जिस पे खुश हों शनि।। शुभ कर्मों को...
Read moreDetailsनिर्मल निर्मल पानी, माई रेवा तुम्हारो, भूखे को दे भोजन मैया, प्यासे को दे पानी, माई रेवा तुम्हारो, निर्मल निर्मल...
Read moreDetailsखुद के लिए कुछ भी, कभी ना करता है, बेटो की खुशियों की, खातिर मरता है, बोझ बेटा गमों का,...
Read moreDetailsनर्मदा मैया कर दो बेड़ा पार, आते तुम्हरे द्वार, आते तुम्हरे द्वार, ओ रेवा माई कर दो बेड़ा पार, नर्मदा...
Read moreDetailsमत कर मोह तू, हरि भजन को मान रे तू, हरि भजन को मान रे।। देखे - हरि नाम नहीं...
Read moreDetailsरे मन हरि सुमिरन कर लीजे, हरी को नाम प्रेम सो जपिये, हरी रस रसना पीजे, रे मन हरि सुमिरण...
Read moreDetailsना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते है। दोहा - प्रबल प्रेम के पाले पड़कर, प्रभु को नियम...
Read moreDetailsपाना है यदि प्रभु को, तो प्यार में मिलेगा, कण कण में ढूंढो प्यारे, कण कण में ढूंढो प्यारे, संसार...
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