शिव ही बसे है कण कण में केदार हो या काशी लिरिक्स
शिव ही बसे है कण कण में, केदार हो या काशी, द्वादश ज्योतिर्लिंग है, हर दिशा में है कैलाशी, शिव...
Read moreDetailsशिव ही बसे है कण कण में, केदार हो या काशी, द्वादश ज्योतिर्लिंग है, हर दिशा में है कैलाशी, शिव...
Read moreDetailsभोले के हाथों में, है भक्तो की डोर, किसी को खींचे धीरे, और किसी को खींचे जोर, भोले के हाथो...
Read moreDetailsकैसे दर आऊं, मैं तेरे दरश पाने को, हे शिव शंकर दर्शन दे दो, अपने दीवाने को, हे शिव शंकर...
Read moreDetailsआओ प्यारे भक्तों, भोले बाबा को मनाएं हम, फूलों से सवारी, महाकाल की सजाए हम, करता धराशाई पापियों की चाल,...
Read moreDetailsलेते ही नाम भोले का, तूफान हट गया, कश्ती पर मेरी आके, समंदर सिमट गया, ये तो महाकाल का दर...
Read moreDetailsमहारास में जाऊंगा, मैं भी प्यारी, यूँ बाले त्रिपुरारी, बात सुन ले म्हारी, नहीं ले जाऊँगी, मैं पकडी जाउँगी, महारास...
Read moreDetailsभक्तो का कल्याण करे रे, मेरा शंकर भोला, हर मुश्किल आसान करे रे, मेरा शंकर भोला, ओ मेरा शंकर भोला,...
Read moreDetailsमहाकाल मेरी मंजिल, उज्जैन है ठिकाना, मैं गुलाम हूँ भोले का, मेरे साथ है जमाना, महांकाल मेरी मंजिल, उज्जैन है...
Read moreDetailsचाहे छाए हो बादल काले, चाहे पाँव में पड़ जाय छाले, चल रे कावड़िया शिव के धाम, चाहे आग गगन...
Read moreDetailsकालों के काल महाकाल, को मनाएंगे, उज्जैन नगरी में, शीश झुकाएंगे।। भांग धतूरा का, भोग लगाते है, बिल्वपत्ती जिनके, सिर...
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