अमर लोक कुण जासी गुरासा भजन लिरिक्स
अमर लोक कुण जासी गुरासा, अमर लोक कुण जासी, पांच तत्व री वणी कोटडी़, आ तो विखर जासी गुरूसा, अमर...
Read moreDetailsअमर लोक कुण जासी गुरासा, अमर लोक कुण जासी, पांच तत्व री वणी कोटडी़, आ तो विखर जासी गुरूसा, अमर...
Read moreDetailsरमता रमता आवो देवी माँ, जागण दीराऊ थारे नाम रो।। सिंघ सवारी आवो देवी माँ, ज्योत जगावा थारे नाम री,...
Read moreDetailsकुरमुर कुरमुर पगल्या बाजे, दोहा - संत मारी आत्मा, और मैं संतन की देह, रोम रोम में रम रिया प्रभु,...
Read moreDetailsदुनिया जाणे रामदेव जी, अजमल घर अवतार, परगट नही, भया है पीर जी, परगट नही होया पीर जी, आया है...
Read moreDetailsनथ म्हारी गम गई सा, ब्रिज का वासी। दोहा - ओ मुरली वाले सावरा, तोरी मुरली नेके बजा, ई मुरली...
Read moreDetailsनर चेत गुमानी माया ना साथ चले, माया ना साथ चले, नर चेत गुमानी माया ना साथ चले।। दस से...
Read moreDetailsआओ गणेश आओ गणेश, आओ गणेश आओ गणेश, ओ मेरी लाज बचाओ गजानन, आओ गणेश आओ गणेश, आओ गणेश आओ...
Read moreDetailsभव सागर सू पार उतारो, तीन लोक रा नाथ, आसरो थारो है, भरोसो थारो है।। आदि देव भोला थाने मनावा,...
Read moreDetailsमोल बता गूजर की, थारा माखन को, छोड फरी अकड़ांई थोड़ो चाखण दो।। कोरी मटक्यां माखन मीठो, आज तोड़स्यूं थारो...
Read moreDetailsमैं तो कोनी सुख पायो रामा, थारी भक्ति में, थारी भक्ति में रामा, थारी भक्ति में, मैं तो कोणी सुख...
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