हरि हरि कंकड़ी धोरे माथे धाम गुरु जम्भेश्वर भजन

हरि हरि कंकड़ी धोरे माथे धाम,
आसन लगायो मारा,
जंभेश्वर भगवान।।



पीपासर में आए भगवान,

लोवटजी रो मान बढ़ायो भगवान,
हरि हरि ककड़ी धोरे माथे धाम,
आसन लगायो मारा,
जंभेश्वर भगवान।।



रोटू नगर में आए भगवान

उमा बाई रो भात भरायो भगवान
हरि हरि ककड़ी धोरे माथे धाम,
आसन लगायो मारा,
जंभेश्वर भगवान।।



समराथल मैं आऐ भगवान,

बिश्नोई पंथ चलायो भगवान,
हरि हरि ककड़ी धोरे माथे धाम,
आसन लगायो मारा,
जंभेश्वर भगवान।।



नाथुसर में आऐ भगवान,

सेसे रो मान घटायो भगवान,
हरि हरि ककड़ी धोरे माथे धाम,
आसन लगायो मारा,
जंभेश्वर भगवान।।



मदन मेवाड़ी थारा गाव गुणगान,

चरणों में शीश निवावे भागवान,
हरि हरि ककड़ी धोरे माथे धाम,
आसन लगायो मारा,
जंभेश्वर भगवान।।



हरि हरि कंकड़ी धोरे माथे धाम,

आसन लगायो मारा,
जंभेश्वर भगवान।।

प्रेषक – सुभाष सारस्वत
9024909170


2 टिप्पणी

आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें