थाने या कई सूझी रे राधा का रसिया भजन लिरिक्स
थारा घर में कमी काहे की, कई कम पड़ जावे पूंजी रे, थाने या कई सूझी रे, राधा का रसिया, राधा...
Read moreDetailsथारा घर में कमी काहे की, कई कम पड़ जावे पूंजी रे, थाने या कई सूझी रे, राधा का रसिया, राधा...
Read moreDetailsधुप खेवाला अगरबत्ती ओ, निज मंदरिया में, रमता पधारो गणपति, निज मंदरिया में, रमता पधारो गणपति।। ब्रम्हा पधारो देवा, विष्णु...
Read moreDetailsअरे कमर कसी तलवार धाड़वी, दोहा - हालो हरजी देवरे, ने मिलसी रामापीर, दुखिया ने सुखिया करे, बाबो साझा करे...
Read moreDetailsकलयुग देख बाबा हियो मत हार जो, थे तो पीर जी पधार जो होमा, तने पीर कहूं के रोमा, लियो...
Read moreDetailsकान्हा गोकुल का गेला में, माखन की वो मटकियां फोड़े जी, ओ नंद जी के लाला, ओ नंद जी के...
Read moreDetailsमाटी केडो मटको घड़ियों रे कुम्भार, दोहा- जेसे चुड़ी काच थी, वेसी नर की देह, जतन करीमा सु जावसी, हर...
Read moreDetailsमूल महल में बसे गजानन, नित उठ दर्शन पाता। दोहा - सुंडाला दुःख भंजना, सदा निवाला वेश, सारो पहला सुमरिये,...
Read moreDetailsपोरा पाप रा आया, छुटा नेम धर्म सब डूबा, चउदिश कलजुग छाया संतो, पोरा पाप रा आया।। पेलो धर्म हिन्दु...
Read moreDetailsपपैया पियाजी री वाणी मत बोलो, दोहा - प्रीतम प्रीत लगाय के, तुम दूर देश मत जाओ, बसों हमारी नगरी...
Read moreDetailsअरे हालो रे संतो देवरे, गुरु जमो जोवाने हालो, एक उछो सिंघासन रोम रो, चरणों मे शीश नवाया, हे गुरु...
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