जालोरी रा पीर केवाया ओ शान्तिनाथ जी भजन लिरिक्स
जालोरी रा पीर केवाया ओ, नाथजी जालोंरी रा पीर केवाया ओ, शांतिनाथ जी अमर पद पाया ओ, राज म्हारा पीरजी,...
Read moreDetailsजालोरी रा पीर केवाया ओ, नाथजी जालोंरी रा पीर केवाया ओ, शांतिनाथ जी अमर पद पाया ओ, राज म्हारा पीरजी,...
Read moreDetailsसाधु भई एडा संत मैं नही जोया, पल पल पीरजी रो नाम रटावे, पल पल पीरजी रो नाम रटावे, वीरद...
Read moreDetailsहरि किण पर छोड़यो देश, मेवाड़ी राणा किण पर छोड़यो देश।। थारे कारण सावरा जोगन हुई, कर लिया भगवा वेश,...
Read moreDetailsसत गुरु मिलिया भागी भरमना, पाप नहीं पनोती, पुरबले री प्रीतो पालो, बहुत करें असतुती।। दिल दरिया मे डुबकी लेणा,...
Read moreDetailsए बीरा रे सिरे मंदिर गढ़ सोवणो, ए बीरा रे सिरे मन्दिर गढ़ सोवनो, जटे रत्नेश्वर रो धाम बीरा रे,...
Read moreDetailsनाथजी शरण कमल बलिहारी, दोहा - शांतिनाथ जी को ध्यावसी, और होसी आनंद उत्साह, हाथ जोड़ विनती करा, पडा मै...
Read moreDetailsमधुर सुर बोल रे कागा, मीरा रो मन राम से लागा, गुरु मिठो बोल रे कागा, बाई रो मन राम...
Read moreDetailsकोयल वाणी बोल रे कागा, दोहा - कागा किसका धन हरे, कोयल किसको दे, अरेे मीठी वाणी बोल के, वा...
Read moreDetailsघायल कर गया ओ गुरूजी म्हानें, दोहा - सतगुरु मेरी आत्मा, मै संतो री देह, रोम रोम में रमरया, गुरू...
Read moreDetailsहंसा नजर नही आया प्रेम गुरू, अंत नजर नहीं आया, हंसा नजर नहीं आया प्रेम गुरू, अंत नजर नहीं आया,...
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