हंसा नजर नही आया प्रेम गुरू अंत नजर नहीं आया

हंसा नजर नही आया प्रेम गुरू,
अंत नजर नहीं आया,
हंसा नजर नहीं आया प्रेम गुरू,
अंत नजर नहीं आया,
चोंच पाँख बिन काया गुरूजी,
म्हारा हंसा नजर नहीं आया।।



बिना दीप एक देवल देख्या ने,

देव नजर नही आया,
बिना दीप एक देवल देख्या ने,
देव नजर नहीं आया,
उन देवरे म्हारा सतगुरु बैठा,
उन देवरे म्हारा सतगुरु बैठा,
वही वेद गुण गाया,
गुरूजी म्हाने हंसा नजर नहीं आया।।



बिना पाल एक सरवर भरीया ने,

नीर नजर नहीं आया,
बिना पाल एक सरवर भरीया ने,
नीर नजर नहीं आया,
उन तीर म्हारा सतगुरु बैठा,
उन तीर म्हारा सतगुरु बैठा,
वही बैठकर नहाया,
गुरूजी म्हाने हंसा नजर नहीं आया।।



म्हारा गुरूसा पाचो बहना,

पच्चीस जोगनी लाया,
म्हारा गुरूसा पाचो बहना,
पच्चीस जोगनी लाया,
मृत्यु लोक में भयो अचंभो,
मृत्यु लोक में भयो अचंभो,
वे भी पाप ने जाया,
गुरूजी म्हाने हंसा नजर नहीं आया।।



बिना पाँव एक हाथी देख्या ने,

सुन्ड नजर नहीं आया,
बिना पाँव एक हाथी देख्या ने,
सुन्ड नजर नहीं आया,
मच्छंदर जती गोरख बोले,
मच्छंदर जती गोरख बोले,
आंगन वेम चलाया गुरूजी,
गुरूजी म्हाने हंसा नजर नहीं आया।।



हंसा नजर नही आया प्रेम गुरू,

अंत नजर नहीं आया,
हंसा नजर नहीं आया प्रेम गुरू,
अंत नजर नहीं आया,
चोंच पाँख बिन काया गुरूजी,
म्हारा हंसा नजर नहीं आया।।

गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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