भव बिन खेत खेत बिन बाड़ी जल बिन रहत चले बाड़ी
भव बिन खेत खेत बिन बाड़ी, जल बिन रहत चले बाड़ी, बिना डोरी जल भरे कुआँ पर, बिना शीश की...
Read moreDetailsभव बिन खेत खेत बिन बाड़ी, जल बिन रहत चले बाड़ी, बिना डोरी जल भरे कुआँ पर, बिना शीश की...
Read moreDetailsपाणी रे माही मीन पियासी रे, देखता आवे रे माने हांसी रे।। गुरु बिन ज्ञान समझ बिन चेला रे, दोनु...
Read moreDetailsनबजिया वैद क्या जाणे, हमें दिल कि बीमारी है।। कभी कफ रोग बतलाये, कभी तासीर गरमी की, जिगर का हाल...
Read moreDetailsमन रे गुरु वचनो में रहणो, काम क्रोध री चोट ना लागे, सत रे मार्ग वहणो, मन रे गुरु वचनों...
Read moreDetailsडेडरिया छोड़ छिलरिये री आसा, डेडरिया रे वीरा, तजदे छिलरिये री आसा, यो तो छिलरियो घड़ी पलक रो, कर ले...
Read moreDetailsयो तो रे घर और है भाई साधु, गुरु बिन पावोला नाय, गुरु बिन पावोला नाय।। नही ज्ञानी नही ध्यानी,...
Read moreDetailsम्हारा सतगुरु दीनदयाल, शब्द वाली नाव बनाई रे।। नाव में बैठा मीराबाई, हार बन आयो रे, गले को हार बनाए...
Read moreDetailsमैं मस्ताना सकल दीवाना, पाव पलक री है भगति, हीरो हेरिया हीरो हाथ नही आवे, शीश उतार लड़ो कुश्ती।। राजा...
Read moreDetailsअसल निज सार की भाई साधु, सतगुरु सेन बताय, सतगुरु सेंन बताय।। सुरता शब्द विचार नुरत घर, पहरा दीना, पाँच...
Read moreDetailsकाशी से तो हम चल आये, तेरी सुणी बढ़ाई, केवे कबीर सा सुणो गोरखजी, सिमरन री गति काई, राम भजन...
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