सुता हो तो जागो नींद सू बाबो थारे घरे आया ओ लिरिक्स

सुता हो तो जागो नींद सू,
बाबो थारे घरे आया ओ,
बाबो म्हारो रामदेव जी,
असली रूप बणाया ओ।।



द्वारका सू चलिया बावजी,

अजमल घर थे आया ओ,
कुंकुम रा थे पगलिया मांड्या,
विष्णु रा अवतारी ओ।।



भादुडे री बीज चांदणी,

अजमल घर थे आया ओ,
माता मैणादे लोरी गावे,
मन ही मन मुस्काया ओ।।



ढोल नगारा नौबत बाजे,

झालर री झणकारी ओ,
सखिया रे हिलमिल मंगल गावे,
घर घर खुशियां छाई ओ।।



रुणिचे में पर्चा दीना,

मोटो धाम बणायो ओ,
भल हल भालो हाथों सोवे,
लीले री असवारी ओ।।



पाला पाला आवे जातरी,

हाथों में नेजा सोवे ओ,
रात रा थोरे जम्मो जगावे,
जय जय कार मचावे ओ।।



दोय कर जोड़ माली घेवर बोले,

ओमो भजन सुणावै ओ,
मीठो माली हरजस गावे,
बेगा बेगा आवो ओ।।



सुता हो तो जागो नींद सू,

बाबो थारे घरे आया ओ,
बाबो म्हारो रामदेव जी,
असली रूप बणाया ओ।।

गायक – ओम प्रजापत जी।
प्रेषक – रामेश्वर लाल पँवार,
आकाशवाणी सिंगर।
9785126052


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें