राणी डावा हाथ में दीवलों जेलियो भजन लिरिक्स

राणी डावा हाथ में दीवलों जेलियो,

रावलमालजी कोपिया,
सुता महला जाए,
थाल लीणो रूपा हाथ में,
आ रावल मनावन जाए,
रूपा दे राणी रावल मनावन जाए।



राणी डावा हाथ में दीवलों जेलियो,

जीमने हाथ में जिम्वारो थाल,
रूपा रमझम करता,
महला पधारिया परा उठो मेवारा माल,
राणी रामरा भजन में,
हालो परनिया भवजल उतरो थितो पार।।



राणी उंगाना नराने सोरा जगावना,

जागताने जागे रावलमाल,
राणी पलक पसेडो रूपा खेसियो,
जियु जगाया वाचक नाग।।



राजा रेशम ताजनो लीणो हाथ में,

परू फेरियो राणी रे डील,
राणी थाल सोवणो रूपा पटकियो,
ज्यारी पोशी प्याला माय।।



रानी अमर ज्योत चढ़ी आकाशे,

पग पोशियो पियाला माय,
रूपा माथा कमल में ऊँचो देखियो,
तीन लोक मुखड़ा रे माय।।



रानी थारी कला ने परी सोमटो,

परा मरे मेवारा माल,
रानी रावल कॉपे थरथर धूजे,
भजो भजो हरी रा नाम।।



राजा सेधे सर्गे जग भेला रमिया,

हमी मिलो सर्गा रे माय,
राजा नेम धर्म सु हालो,
राजवी राज करो थे रावलमाल।।



रूपा गुरु उगमजी जग में भेटिया,

जाय मिलिया प्रभुसु आज,
रानी खम्मा माल ने अरे खम्मा,
करू रे खम्मा खम्मा जुगड़ा रे माय।।



राणी डावा हाथ में दीवलों जेलियो,

जीमने हाथ में जिम्वारो थाल,
रूपा रमझम करता,
महला पधारिया परा उठो मेवारा माल,
राणी रामरा भजन में,
हालो परनिया भवजल उतरो थितो पार।।

गायक – श्याम पालीवाल जी।
भजन प्रेषक – श्रवण सिंह राजपुरोहित।
सम्पर्क – +91 90965 58244


१ टिप्पणी

आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें