राम थारी नगरी में काई घाटो भजन लिरिक्स
राम थारी नगरी में काई घाटो, कर्म अनुसार मिले है बाँटो, भगवान थारी नगरी में काई घाटो, कर्म अनुसार मिले...
Read moreDetailsराम थारी नगरी में काई घाटो, कर्म अनुसार मिले है बाँटो, भगवान थारी नगरी में काई घाटो, कर्म अनुसार मिले...
Read moreDetailsभजन बिना कोई नहीं जागे रे, थारा जनम जनम का पाप करेड़ा, किण विध भागे रे, भजन बिना कोई नहीं...
Read moreDetailsदोहा - मुरली वाले मोहना, तेरी मुरली रेण बजाय, इन मुरली में मारो मन बश्यो, काना एक बारी और बजाय,...
Read moreDetailsहरे घास री रोटी ही, जद बन बिलावड़ो ले भाग्यो, नन्हो सो अमर्यो चीख पड्यो, राणा रो सोयो दुख जाग्यो।।...
Read moreDetailsगुरु बिना घोर अँधेरा रे संतो, जैसे मंदिर दीपक बिना सूना, नही वस्तु का बेरा, गुरु बिना घोर अँधेरा रे...
Read moreDetailsओ बेटा शरवण पाणीड़ो पिलाय, वन में बेटा प्यास लगी। दोहा - बेटा तो आगे भया, कलयुग बीच अनेक, श्रवण...
Read moreDetailsपहला थारी ममता ने मारो, पछे मोयला ने मारो कुँआ पर, आसन जोगी वालो।। पानी किस विध जऊ रे मै...
Read moreDetailsहार के क्यों बैठयो है, श्याम ने पुकार रे, साँची साँची बोलू तने, जीवन संवार ले, साँची साँची बोलू तने,...
Read moreDetailsखम्मा खम्मा ओ धनिया, रुणिचे रा धनिया, थाने तो ध्यावे आखो मारवाड़ हो, आखो गुजरात हो, अजमालजी रा कंवरा, खम्मा...
Read moreDetailsरावणा के देश गयो, सिया को संदेशो लायो, कबहुँ ना किन्ही योद्धा, बात अभिमान की, रावणा के देश गयों, सिया...
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