कचरो छा गयो रे कर्मो पे कैसे काटे दुखड़ो भजन लिरिक्स
कचरो छा गयो रे कर्मो पे, कैसे काटे दुखड़ो। दोहा - कबीर कमाई आपणी, कबू न निष्फल जाय, सात समद...
Read moreDetailsकचरो छा गयो रे कर्मो पे, कैसे काटे दुखड़ो। दोहा - कबीर कमाई आपणी, कबू न निष्फल जाय, सात समद...
Read moreDetailsभजन बिना जावेगा रे रोता, दोहा - आया था किस काम से, थू सोया चादर ताण, एक दिन ऐसा सोयेगा,...
Read moreDetailsमन रे राम भजन कर गेला रे, थने सतगुरु देवे हेला रे।। दिवस गमायो कमायो खायो, ज्यू घाणी का बैला...
Read moreDetailsसाधो भाई बेगम देश स्थाना, दोहा - विजया बेगम देश में, पंहुचा सन्त सुजान, आवागमन छूट गया, अनुभव उदय सुभान।...
Read moreDetailsम्हारा रूपनारायण नाथ, सेवन्त्री बिराज रया, ओ मारा रूपनारायण नाथ, सेवन्त्री बिराज रया।। सेवन्त्री में मंदिर बाबा, आप रो बनियो...
Read moreDetailsकंकाली काली का जाया, भेरुजी मतवाला रे, ब्रह्मा जी को हाथ सीस पर, शिव शंकर का लाला रे, सीस ऊपर...
Read moreDetailsहंसा बेगम री गम कर रे, विगत करो बेगम में रेवो, जन्म मरण नहीं डर रे।। नाम द्वादस हैं नहीं...
Read moreDetailsथे कल्लाजी आवोला, जग मग दिवला जागेला, गोडलिया रे वारा आवोला।। केसरिया साफा सोवेला, हाथ में खंडो सोवेला, गोडलिया रे...
Read moreDetailsसतगुरु पिया मोरी रंग दो चुनरिया, दोहा - गुरु पारस गुरु पुरुष हैं, चंदन बास सुहास, सतगुरु पारस जीव को,...
Read moreDetailsहरिराम बाबा आ जाओ, दूर घणी है थारी धाम।। थेतो हरिराम बाबा झोरडो पुजायो, भगता रा दुःख हर जाओ, दूर...
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