सुनो सुनो ऐ प्राणी जन महिमा जगदम्ब भवानी की लिरिक्स
लीला अपरम्पार, विंध्यवासिनी मात कल्याणी, सुनो सुनो ऐ प्राणी जन, महिमा जगदम्ब भवानी की, जय विंध्यवासिनी माँ, पर्वत निवासिनी माँ,...
Read moreDetailsलीला अपरम्पार, विंध्यवासिनी मात कल्याणी, सुनो सुनो ऐ प्राणी जन, महिमा जगदम्ब भवानी की, जय विंध्यवासिनी माँ, पर्वत निवासिनी माँ,...
Read moreDetailsहे देवी मैया धीर धरैया, तेरे सिवा माँ जग में, कौन सुनेगा हमारी, मैया आस बंधी है तुम्हारी, हे जग...
Read moreDetailsमेरी बहना केशों पर लिख कल्याणी, दोहा - सत्य कलम ले हाथ में, भर के धर्म दवात, जो जो मैं...
Read moreDetailsहे दुर्गे माँ भगवती, दोहा - मेरा कोई और नहीं है, आया दरबार हूँ मैं, सहारा दीजिये मैया, की अब...
Read moreDetailsक्या दुनिया तुझे सतायेगी, क्या किस्मत तुझे रुलाएगी, हर अला बला हर मुश्किल से, मेरी मैया तुझे बचायेगी, वो जग...
Read moreDetailsजागरण की रात मईया, आज तुम्हें आना है, जागरण की रात।। तर्ज - एक तेरा साथ। हम सब ने मिलकर...
Read moreDetailsवीणा वादिनी दुख हारिणि, भव सिंधु से तू उबार दे, माँ शारदे माँ शारदे।bd। तर्ज - किसी राह में। करुणामयी...
Read moreDetailsसब झुक गए माँ के आगे, सब झुक गए माँ के आगे, मेरी झुँझन वाली का, सारे जग में डंका...
Read moreDetailsमाँ काँगड़े वाली तुझे नमन, दोहा - ऊपर अद्भुत छटा बिखेरे, धोला धार बर्फानी, नीचे घाटी मात बिराजे, नगर कोट...
Read moreDetailsसुन हाल मेरा शेरावालिये, कर पार बेड़ा शेरावालिये, मैया तेरे सिवा मेरा कोई नहीं, कर मुझपे दया भोली माँ, सुन...
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