भादरवा री बीज बाबा आज थाने आणो है भजन लिरिक्स

भादरवा री बीज बाबा,
आज थाने आणो है,
म्हाने परचो बतानो है,
भादरवा रीं बीज।।

तर्ज – कीर्तन की है रात।



गाँव रूनीचा में,

दरबार है प्यारो,
दयालु आप रो,
सेवा मे थारी,
सगला खडा दिखे,
हुकम बस आप रो,
ओ चरना मे थारे,
चरना मे थारे म्हाने,
शिश नमानो है,
म्हाने परचो बतानो है,
भादरवा रीं बीज।।



मालवों ध्यावे,

गुजरात भी ध्यावे,
ध्यावे थाने राजवी,
नाम सु थारे,
सब रोग कट जावे,
आजमा आपरी,
ओ दुखडा मेटनहार,
दुखडा मेटनहार,
साचो नाम बाबा थारो है,
म्हाने परचो बतानो है,
भादरवा रीं बीज।।



भादरवा री बीज,

अजमाल रा कंवरा,
मेलो लागे आपरो,
यात्री आवे ले आस मनडा मे,
भरोसो आपरो,
ओ भगता रा हर काम,
भगता रा हर काम,
बाबा पार लगानो है,
म्हाने परचो बतानो है,
भादरवा रीं बीज।।



कष्ट हर लिजो,

भंडार भर दीजो,
अरज आ दास री,
किरपा कर दीजो,
भवपार कर दीजो,
भंवर मे नावडी,
ओ आज चरना मे,
आज चरना मे,
अशोक द्वार थारे आयो है,
म्हाने परचो बतानो है,
भादरवा रीं बीज।।



भादरवा री बीज बाबा,

आज थाने आणो है,
म्हाने परचो बतानो है,
भादरवा रीं बीज।।

गायक – मोईनुद्दीन जी मनचला।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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