जय बोलो ब्राम्हणी मात री भजन लिरिक्स

शक्ति आप अवतार लियो है,
नाम ब्राम्हणी मात मेरी माँ,
जय बोलो ब्राम्हणी मात री,
शक्ति आप अवतार लियो है,
नाम ब्राम्हणी मात मेरी माँ,
जय बोलों ब्राम्हणी मात री,
इन कलयुग मे एक आसरो,
मापर किजो मेहर मेरी माँ,
जय बोलों ब्राम्हणी मात री।।



लाल चुनडीया वाली मावडी,

नाम ब्राम्हणी मात मेरी माँ,
जय बोलों ब्राम्हणी मात री,
लाल चुनडीया वाली मावडी,
मापर किजो मेहर मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
मारवाड़ गुजरात मालवो,
ध्यावे सगला धोक मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
इन कलयुग मे एक आसरो,
मापर किजो मेहर मेरी माँ,
जय बोलों ब्राम्हणी मात री।।



चितौड़गढ़ मे आप बिराजो,

भगता री इतकारी मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
चितौड़गढ़ मे आप बिराजो,
भगता री इतकारी मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
नवरात्रि मे मेलो जी लागे,
दर्शन कर नर नार मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
इन कलयुग मे एक आसरो,
मापर किजो मेहर मेरी माँ,
जय बोलों ब्राम्हणी मात री।।



सिर पर रखडी नाक में नथडी,

गले नवलखीयो हार मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
सिर पर रखडी नाक में नथडी,
गले नवलखीयो हार मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
बिन्दिया थारे प्यारी लागे माँ,
करजो मेहर मापर माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
इन कलयुग मे एक आसरो,
मापर किजो मेहर मेरी माँ,
जय बोलों ब्राम्हणी मात री।।



हाथा चुडलो बाजुबंध माँ,

नखल्या थारा लाल गुलाल,
जय ब्राम्हणी मात री,
हाथा चुडलो बाजुबंध माँ,
नखल्या थारा लाल गुलाल,
जय ब्राम्हणी मात री,
पग मे पायल प्यारी लागे माँ,
बिछिया रो झनकार मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
इन कलयुग मे एक आसरो,
मापर किजो मेहर मेरी माँ,
जय बोलों ब्राम्हणी मात री।।



ऊंचे भाकर आप बिराजो,

किल्ला री धणीयाणी मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
गहलोत वंश माँ थाने मनावे,
जिनरी थे कुलदेवी मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
ढोल नगाडा नोपत बाजे,
चितौड़गढ़ रे माय मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
इन कलयुग मे एक आसरो,
मापर किजो मेहर मेरी माँ,
जय बोलों ब्राम्हणी मात री।।



नरेंद्र, गौतम, ओर सीताराम,

जावे चितौड़गढ़ धाम मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
मुकेश ,रवीना, सुन्दर, पायल,
झील, कपिल ने लेलो साथ,
जय ब्राम्हणी मात री,
“दिपानी” परिवार थाने मनावे,
जुग जुग चरना माय मेरी माँ,
जय ब्राम्हणी मात री,
इन कलयुग मे एक आसरो,
मापर किजो मेहर मेरी माँ,
जय बोलों ब्राम्हणी मात री।।



शक्ति आप अवतार लियो है,

नाम ब्राम्हणी मात मेरी माँ,
जय बोलो ब्राम्हणी मात री,
शक्ति आप अवतार लियो है,
नाम ब्राम्हणी मात मेरी माँ,
जय बोलों ब्राम्हणी मात री,
इन कलयुग मे एक आसरो,
मापर किजो मेहर मेरी माँ,
जय बोलों ब्राम्हणी मात री।।

गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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