भूल गया मानव मर्यादा जब कलयुग की हवा चली लिरिक्स
भूल गया मानव मर्यादा, जब कलयुग की हवा चली, धूप कपुर ना बिके नारियल, दारू बिक रही गली गली।। तर्ज...
Shekhar Mourya is the founder and editor of Bhajan Diary, a trusted platform dedicated to Hindi devotional literature. With years of experience in publishing and organizing bhajans, aartis, chalisas, mantras, and kirtans, he is committed to preserving authentic devotional content in a simple, accurate, and easy-to-read format for devotees around the world.
भूल गया मानव मर्यादा, जब कलयुग की हवा चली, धूप कपुर ना बिके नारियल, दारू बिक रही गली गली।। तर्ज...
चालो ज्वाला झाड़ी हे, हे मां बिगड़े बणावै काम।। नारियल चुंदड़ी मां की मंगाल्यो, अगर धूप और ज्योत उठाल्यो, हे...
ब्रज के नंदलाला, श्री राधा जी के सांवरिया, सब दुःख दूर हुए, जबसे तेरा नाम लिया।। मीरा पुकारे तुझे, गिरधर...
अब जाऊं कहाँ मैं सांवरिया, दोहा - मोहन नैना आपके, नौका के आधार, जो जन इनमे बस गए, सो जन...
मेरी मैया के आने से, हुआ जगमग चमन सारा, कहो कैसे करूँ वर्णन, जो उनका रूप था प्यारा।। meri maiya...
माँ बैठी भंडारे खोल के, तेनु मंगना ना आवे, तू वी मंग लै जैकारे बोल के, तैनू मंगना ना आवे।।...
जय गिरधर गोपाला मेरा, जय गिरधर गोपाला, जो कल्याण करे सब जग का, भक्तन का रखवाला, जय गिरधर गोपाला मेरां,...
श्याम मैंने जीवन किया तेरे नाम, दोहा - कोशिश करके हार गई, तुम ना आए कृष्ण मुरारी, दिल की लगी...
म्हारा सांवरिया, बेगो बुलाले खाटू धाम रे, मैं तो दीवाना थारे नाम का, मैं तो दीवाना थारें नाम का।bd। main...
एक बार निहार लो राधे, द्वार पड़े हम कबसे तिहारे।bd। ek bar nihar lo radhe lyrics देखे - कर दो...
© 2016-2026 Bhajan Diary