तर्ज – सात फेरों के सातो वचन।
याद कर लो प्रभु उस घड़ी को,
तुम्हे ढूंडा कभी सालासर में,
जपते जपते प्रभु बाला बाला,
पूरी कर दो प्रभु आस मेरी।।
आओ हनुमान जी मेरे घर,
तर्ज – सात फेरों के सातो वचन।
पूरी कर दो प्रभु आस मेरी।।
Shekhar Mourya is the founder and editor of Bhajan Diary, a trusted platform dedicated to Hindi devotional literature. With years of experience in publishing and organizing bhajans, aartis, chalisas, mantras, and kirtans, he is committed to preserving authentic devotional content in a simple, accurate, and easy-to-read format for devotees around the world.
साई ओम साई ओम हरी ओम हरी ओम तर्ज - पंख होते तो उड़ आती रे साई ॐ साई ॐ...
बाबा मेहंदीपुर वाले, अंजनी सूत राम दुलारे, करुणा का है ये भण्डार, कर लो रे भक्तों दीदार, लाल लंगोटे वाले,...
बम बम भोले बोले, बाबा शिव के कावड़िया, काँधे सजी है, गंगा जल की गगरिया, दिन रात चले ये, मिल...
म्हारी बिनती सुणो थे हनुमान, धरुँ मैं थारो ध्यान, बेगा सा आओ बालाजी, बेगा सा आओ बालाजी, भगतां की सुणज्यो...
मोरछड़ी लहराई रे, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे।। तर्ज - पंख होते तो उड़ आती रे। मोरछड़ी...
जलाई दियो रे हनुमान जी ने लंका, जय हो माता अंजनी के वीर बंका, जलाई दियो री हनुमान जी ने...
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