तर्ज – सात फेरों के सातो वचन।
याद कर लो प्रभु उस घड़ी को,
तुम्हे ढूंडा कभी सालासर में,
जपते जपते प्रभु बाला बाला,
पूरी कर दो प्रभु आस मेरी।।
आओ हनुमान जी मेरे घर,
तर्ज – सात फेरों के सातो वचन।
पूरी कर दो प्रभु आस मेरी।।
Shekhar Mourya is the founder and editor of Bhajan Diary, a trusted platform dedicated to Hindi devotional literature. With years of experience in publishing and organizing bhajans, aartis, chalisas, mantras, and kirtans, he is committed to preserving authentic devotional content in a simple, accurate, and easy-to-read format for devotees around the world.
आसरो बालाजी म्हने थारो, थे कष्ट निवारो, पधारो म्हारे आंगणिये पधारो, थारी मैं बुलावा जय जय कार।। सालासर में सज्यो...
ओढ़ चुनरियाँ मैया लाल चली, सिंघ सवारी पे है लगती भली।। तर्ज - आजा ना छूले मेरी चुनरी। लाल रंग...
मैं थारा दर आवा जी, मैं भोले नू मनावा जी, तू कर बेड़ा पार मेरा, रहेगा उपकार तेरा, तू ही...
क्या खिलाया जाये, तुझे क्या पिलाया जाए, बोल भोलेनाथ तुझे, क्या भोग लगाया जाए।। तर्ज - मार दिया जाए या...
सुन मेरे कान्हा, ज़रा ये बताना, खफा हमसे तू क्यूँ हो गया, जमुना पे आना, बांसुरी सुनाना, बता दे कहाँ...
बचपन से तुम्हें मैनें माना प्रभु, आज आकर भुलाना, ये ठीक नहीं, हूँ तेरा ही तो मैं, तु मेरा है...
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