प्रथम पेज दुर्गा माँ भजन बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर आस पूरी माँ कर देना मेरी

बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर आस पूरी माँ कर देना मेरी

बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी,
लिए संकट हजारो के हर,
आज चिंता माँ हर लेना मेरी,
बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी।।

तर्ज – सात फेरों के सातो वचन।



तुझे सबकी खबरिया है माता,

तेरी आज्ञा से चलता विधाता,
किसकी किस्मत के कैसे सितारे,
सभी लिखा है पास तुम्हारे,
पास तुम्हारे,

कभी इस और करके नजर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी,
बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी।।



तेरी करुणा है सबपे बरसती,

फिर क्यों झोली ये मेरी तरसती,
माँ ही बेटी की गर ना सुनेगी,
फिर कहाँ मेरी बिगड़ी बनेगी,
बिगड़ी बनेगी,

दे के हंसने का मुझको वर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी,
बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी।।



अपने आँचल में मुझको छूपाले,

तू माँ अम्बा है अब तो बचा ले,
रह के पथ्थरो में पथ्थर बनो ना,
मेरी निर्दोष विनती सुनो माँ,
हाँ हाँ विनती सुनो माँ,

कभी ममता से देखो इधर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी,
बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी।।



बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी,
लिए संकट हजारो के हर,
आज चिंता माँ हर लेना मेरी,
बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी।।


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