काम क्रोध मद,
लोभ के वश में,
क्यों प्राणी भरमाया,
क्यों इतना इतराया,
जिसने तुम्हें बनाया,
क्यों भूल गया तू उनका नाम,
जप राधा नाम नाम नाम,
जप राधा नाम,
तेरे बिगड़े बनेंगे काम,
जप राधा नाम।।
राधे नाम को जपने से,
आते है मुरली वाले,
प्रेम भाव से बिक जाते,
श्री कृष्ण मुरलिया वाले,
राधे बिन अधूरे मेरे श्याम,
जप राधां नाम नाम नाम,
जप राधां नाम।।
राधा जाप बिना न कोई,
श्याम का दर्शन पाए,
राधे नाम को जपने से,
मोहन भी दौड़े आयें,
श्याम की बंसी भी,
पुकारे राधा नाम,
जप राधां नाम नाम नाम,
जप राधां नाम।।
काम क्रोध मद,
लोभ के वश में,
क्यों प्राणी भरमाया,
क्यों इतना इतराया,
जिसने तुम्हें बनाया,
क्यों भूल गया तू उनका नाम,
जप राधा नाम नाम नाम,
जप राधा नाम,
तेरे बिगड़े बनेंगे काम,
जप राधा नाम।।
स्वर / गीत / संगीत – मधुर दत्त।
8770482532








