नशा नर्क का द्वार,
ओ साथी,
उजड़े घर संसार,
ओ साथी।।
कड़ी कमाई धुएं में उड़ती,
सांसों की तो डोर भी घुटती,
आने वाली नस्लों को तुम,
क्या दोगे उपहार,
क्या दोगे उपहार,
ओ साथी,
नशा नर्कं का द्वार,
ओ साथी,
उजड़े घर संसार,
ओ साथी।।
हंसता खेलता घर छूटेगा,
रिश्तों का धागा टूटेगा,
अपनी भूलों पर हमको तो,
खुद ही पाना पार,
ओ साथी,
नशा नर्कं का द्वार,
ओ साथी,
उजड़े घर संसार,
ओ साथी।।
आओ मिलकर अलख जगाएँ,
भटकों को फिर राह दिखाएं,
नशा मुक्त हो युवा देश का,
कहता राजकुमार,
ओ साथी,
नशा नर्कं का द्वार,
ओ साथी,
उजड़े घर संसार,
ओ साथी।।
नशा नर्क का द्वार,
ओ साथी,
उजड़े घर संसार,
ओ साथी।।
Singer / Lyrics – Rajkumar Bhardwaj
9034581000








