मैं ऐसा खाटू वाले,
तेरा घर बनवाऊंगा।
दोहा – एक सपना अब सांवरे,
ले रहा आकार,
नैना राह निहार रहे,
ओ लीले के असवार।
मंदिर क्या मैं भावों का,
एक महल बनाऊंगा,
मैं ऐसा खाटू वाले,
तेरा घर बनवाऊंगा।।
हर घर से एक ईट जुड़ेगी,
देखेगा संसार ये सारा,
मंदिर की हर ईट ईट पर,
लिखूंगा मैं हारे का सहारा,
भावों की मिट्टी से,
ईंटें जोड़ता जाऊंगा,
मै ऐसा खाटू वाले,
तेरा घर बनवाऊंगा।।
मंदिर के कोने में बाबा,
फूलों की एक बगिया होगी
नीले पीले रंग बिरंगे,
फूलों से तेरी सेवा होगी,
नित नए ताज़े फूलों से,
श्रृंगार कराऊंगा,
मै ऐसा खाटू वाले,
तेरा घर बनवाऊंगा।।
मंदिर के राजा होंगे तुम,
आदेशों का पालन होगा,
ग्यारस की ग्यारस मेरे बाबा,
मेले का आयोजन होगा,
हर मेले में सांवरे,
तेरे भजन कराऊंगा,
मै ऐसा खाटू वाले,
तेरा घर बनवाऊंगा।।
मंदिर की गद्दी में मोहन,
श्याम रंग में श्याम बसेंगे,
द्वार पे होंगे श्री गणपति जी,
बालाजी तेरे संग जचेंगे,
चौखट तेरी सांवरे,
चांदी से मढ़ाऊंगा,
मै ऐसा खाटू वाले,
तेरा घर बनवाऊंगा।।
मंदिर क्या मैं भावों का,
एक महल बनाऊंगा,
मै ऐसा खाटू वाले,
तेरा घर बनवाऊंगा।।
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🎤 गायक / Singer – Aanchal Balaghati
✍️ लेखक / Lyrics – Priyansh Agrawal Ji
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